कलादान मल्टी मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KALADAN MULTIMODAL TRANSIT TRANSPORT PROJECT: KMTTP) | Current Affairs | Vision IAS
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संक्षिप्त समाचार

19 Aug 2025
11 min

केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री के अनुसार KMTTP 2027 तक चालू होगा।

  • इस प्रोजेक्ट को भारत और म्यांमार ने मिलकर तय किया है। यह प्रोजेक्ट भारत के पूर्वी बंदरगाहों से म्यांमार होते हुए भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER) तक सामान पहुंचाने के लिए एक मल्टी-मॉडल परिवहन सुविधा प्रदान करेगा।

कलादान मल्टी मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KMTTP) के बारे में

  • फ्रेमवर्क एग्रीमेंट: इस पर 2008 में हस्ताक्षर किए गए थे। 
  • नोडल मंत्रालय: विदेश मंत्रालय।  
  • प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कंसल्टेंट (PDC): भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI)।
  • पारगमन घटक :
    • जलमार्ग घटक: कलादान नदी पर तथा सित्तवे बंदरगाह (राखिन, म्यांमार) से म्यांमार में पलेत्वा तक। 
    • सड़क घटक: पलेत्वा से लेकर मिजोरम में भारत-म्यांमार सीमा पर जोरिनपुई तक।

भारत के लिए KMTTP का महत्त्व

  • उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER) का भौगोलिक अलगाव समाप्त करेगा: यह क्षेत्र "चिकन्स नेक" (केवल 21 किमी का संकीर्ण गलियारा) के माध्यम से शेष भारत से जुड़ा हुआ है और शेष चारों ओर से अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं से घिरा हुआ है। यह प्रोजेक्ट इस अलगाव को कम करेगा।
  • भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (AEP) के अनुरूप है: यह नीति 2014 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य पूर्वी एशिया और पड़ोसी देशों से भारत की कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
  • लॉजिस्टिक लागत और समय में कमी: कोलकाता से आइज़ोल (मिजोरम) तक सामान पहुंचाने में लगने वाला खर्च और समय 50% से भी ज्यादा कम हो जाएगा।
  • उत्तर-पूर्व को व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करेगा: इससे व्यापार बढ़ेगा, खासकर विनिर्माण और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रकों में निर्यात आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।

उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER) के लिए अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाएं

  • भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना: यह मोरेह (मणिपुर, भारत) को म्यांमार होते हुए माए सॉट (थाईलैंड) से जोड़ता है।
  • प्रोटोकॉल ऑन इनलैंड वॉटर ट्रांजिट एंड ट्रेड (PIWT&T): यह भारत और बांग्लादेश के बीच एक समझौता है। इसके तहत एक देश के आंतरिक जलमार्ग पोत दूसरे देश के तय जलमार्गों पर चल सकते हैं।
  • अन्य:
    • बांग्लादेश-भूटान-भारत-नेपाल (BBIN) मोटर यान समझौता;
    • बांग्लादेश के चटग्राम और मोंगला बंदरगाहों के उपयोग के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) आदि।

इस संस्था से बाहर होने की घोषणा यह कहते हुए की गई कि यह संस्था तथाकथित “उत्तेजक” और विभाजनकारी मुद्दों का समर्थन करती है। अमेरिका ने इस संस्था पर 'इजरायल विरोधी रुख' अपनाने का भी आरोप लगाया है।

  • यह तीसरी बार है, जब अमेरिका UNESCO से अलग हो रहा है तथा वर्तमान राष्ट्रपति के नेतृत्व में यह दूसरी बार है।
  • इसके अलावा, अमेरिका ने अन्य संयुक्त राष्ट्र निकायों और एजेंसियों, जैसे WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) से बाहर निकलने के लिए भी कदम उठाए हैं। साथ ही, फिलिस्तीन के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (United Nations Relief and Works Agency for Palestine: UNRWA) के लिए धनराशि में भी भारी कमी की है।

अमेरिका के हटने के प्रभाव

  • बजटीय प्रभाव: अमेरिका यूनेस्को के कुल बजट में लगभग 8% का योगदान देता है।
  • भू-राजनीतिक प्रभाव: अमेरिका के हटने से अन्य शक्तियों, विशेष रूप से चीन द्वारा प्रभाव बढ़ाने की संभावना बन सकती है।
  • बहुपक्षवाद पर प्रभाव: किसी संयुक्त राष्ट्र संस्था से बाहर निकलना बहुपक्षीय संस्थाओं पर विश्वास कमजोर कर सकता है और वैश्विक सहयोग से पीछे हटने का संकेत मिल सकता है।

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को/ UNESCO) के बारे में

  • यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषीकृत एजेंसी है।
  • उद्देश्य: शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के माध्यम से देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर शांति एवं सुरक्षा में योगदान देना।
  • इसका मुख्यालय पेरिस में स्थित है, जो संगठन की मुख्य इमारत के रूप में कार्य करता है।
  • इसके 194 सदस्य देश और 12 एसोसिएट सदस्य हैं।
  • प्रमुख रिपोर्ट्स और पहलें:
    • वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट;
    • विश्व में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया विकास की प्रवृत्तियों पर रिपोर्ट;
    • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल;
    • ह्यूमन एंड बायोस्फियर (MAB) कार्यक्रम
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भारत ने "ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स (GOF)" की बैठक में ‘संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सैनिकों’ के खिलाफ किए गए अपराधों में न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स (GOF)’ क्या है?

  • यह भारत के नेतृत्व में गठित एक समूह है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना सैनिकों के खिलाफ होने वाली सभी हिंसात्मक गतिविधियों के लिए जवाबदेही तय करने में मदद करना है।
  • इसे 2022 में शुरू किया गया।
  • यह समूह ‘यूनाइटेड नेशन अलायन्स ऑफ सिविलाइजेशन’ (UNAOC) की एक प्रमुख शक्ति है और उसकी रणनीतिक योजना निर्माण एवं क्रियान्वयन  में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यूक्रेन ‘अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय’ की स्थापना करने वाली रोम संविधि (Rome Statute) का 125वां पक्षकार राष्ट्र बन गया है। 

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के बारे में

  • यह पहला स्थायी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय है, जो ऐसे व्यक्तियों की जांच और अभियोजन करता है जिन पर नरसंहार (Genocide), युद्ध अपराध (War Crimes), मानवता के विरुद्ध अपराध (Crimes Against Humanity) और आक्रमण का अपराध (Crime of Aggression) जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल होने का आरोप लगा हुआ होता है। 
  • इसकी स्थापना रोम संविधि (Rome Statute) के तहत हुई थी, जिसे 1998 में अपनाया गया और 2002 में लागू किया गया।
  • भारत रोम संविधि का पक्षकार देश नहीं है।
  • मुख्यालय: हेग (नीदरलैंड)। 

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) संवाद के दौरान 'पैक्ट फॉर फ्यूचर' के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

'पैक्ट फॉर फ्यूचर' के बारे में

  • इसे 2024 में “समिट ऑफ़ द फ्यूचर” में अपनाया गया।
  • ‘पैक्ट फॉर फ्यूचर’ में निम्नलिखित शामिल हैं:
    • ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट: यह डिजिटल क्षेत्र में सहयोग के लिए पहला व्यापक वैश्विक फ्रेमवर्क है, और
    • डिक्लेरेशन ऑन फ्यूचर जेनरेशन्स। 
  • मुख्य विशेषता: यह अलग-अलग मुद्दों पर स्पष्ट प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित करता है और ठोस परिणामों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है। 
    • इन प्रतिबद्धताओं में मानवाधिकार, लैंगिक समानता और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। 
  • यह निम्नलिखित क्षेत्रों में कई प्रतिबद्धताएं तय करता है:
    • सतत विकास और विकास के लिए वित्तीय प्रबंधन,
    • अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा,
    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी; इनोवेशन और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग,
    • युवा और अगली पीढ़ियां, और 
    • ग्लोबल गवर्नेंस में बदलाव।  

इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) का 19वां संस्करण जारी किया गया।

ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) के बारे में:

  • इसमें 163 देशों को शामिल किया गया है।
  • यह 3 क्षेत्रों में 23 गुणात्मक और मात्रात्मक संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन करता है। ये तीन क्षेत्र निम्नलिखित हैं-
    • समाज में सुरक्षा और संरक्षा का स्तर;
    • देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों की स्थिति; तथा 
    • सैन्यीकरण की मात्रा। 
  • रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर:
  • दुनिया में शांति का औसत स्तर पहले से और ज्यादा खराब हुआ है।
  • दक्षिण एशिया, दुनिया का दूसरा सबसे अशांत क्षेत्र रहा और इसमें सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है।
  • रैंकिंग:
    • आइसलैंड पहले स्थान पर है।
    • भारत को 115वां स्थान मिला है।
    • रूस (163वां स्थान) सबसे कम शांतिपूर्ण देश है।

हाल ही में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में गतिरोध के बीच, E3 देशों ने ईरान को स्नैपबैक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है।

  • स्नैपबैक प्रतिबंध (2015 के संयुक्त व्यापक कार्य योजना (Joint Comprehensive Plan of Action: JCPOA) के तहत) ऐसे प्रावधान है, जिनके अनुसार अगर ईरान अपने परमाणु समझौतों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ प्रतिबंधों को फिर से लगाया जा सकता है।

E3 देश कौन हैं?

  • परिचय: E3 एक अनौपचारिक विदेश और सुरक्षा सहयोग समूह है। इसमें UK, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं।
  • उत्पत्ति: E3 की पहली बैठक 2003 में अमेरिका द्वारा इराक पर किए गए हमले के बाद हुई थी। इसका उद्देश्य इराक के लिए एक त्रिपक्षीय रणनीति तैयार करना, और ईरान से उत्पन्न हो रहे परमाणु खतरे को रोकना है।

लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर नए हमले हुए हैं, और यमन के हूती विद्रोहियों ने एक जहाज को डुबोने का दावा किया है।

लाल सागर के बारे में

  • यह हिंद महासागर के उत्तर-पश्चिम में मौजूद एक सीमांत सागर है।
  • यह बाब अल मन्देब जलडमरूमध्य के माध्यम से अदन की खाड़ी से और स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ है।
  • तटीय देश: 
    • पश्चिम में: मिस्र, सूडान और इरीट्रिया, 
    • उत्तर-पूर्व में: इजरायल और जॉर्डन-अकाबा की खाड़ी के माध्यम से, तथा 
    • पूर्व में: सऊदी अरब और यमन
  • उत्तरी भाग में विभाजन: लाल सागर अपने उत्तरी भाग में दो भागों में विभाजित हो जाता है, स्वेज की खाड़ी (उत्तर-पश्चिम) और अकाबा की खाड़ी (उत्तर-पूर्व)।
  • इसमें विश्व का सबसे अधिक खारा समुद्री जल पाया जाता है।
    • लाल सागर क्षेत्र में बहुत ही कम वर्षा होती है तथा इसमें नदियों के माध्यम से जल भी नहीं पहुँचता है। 

फ्रांस ने न्यू कैलेडोनिया को अधिक स्वायत्तता देने के लिए एक समझौते की घोषणा की है। 

  • इस समझौते के अनुसार, न्यू कैलेडोनिया को "ए स्टेट ऑफ न्यू कैलेडोनिया" का दर्जा मिलेगा जो फ्रांसीसी गणराज्य के भीतर एक अर्ध-स्वायत्त प्रशांत क्षेत्र होगा। इससे इस क्षेत्र को अधिक स्वायत्तता मिलेगी, लेकिन पूर्ण स्वतंत्रता नहीं मिलेगी।

न्यू कैलेडोनिया के बारे में

  • अवस्थिति: यह प्रशांत महासागर में एक फ्रांसीसी ओवरसीज क्षेत्र है।
  • इतिहास: 1840 के दशक के दौरान, द्वीपवासियों को यूरोपीय व्यापारियों द्वारा गुलाम बनाने के लिए या गन्ने के खेतों में जबरन श्रमिक के रूप में काम कराने के लिए अपहरण किया गया। 
    • 1853 में फ्रांस ने इस द्वीप को अपने अधीन कर लिया।
  • वर्तमान स्थिति: इस द्वीप के देशज कनक (Kanak) समुदाय और यूरोपीय निवासियों के बीच स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर गहरा मतभेद है। 

हाल ही में, रवांडा समर्थित M23 विद्रोही समूह और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) ने पूर्वी कांगो में स्थायी युद्ध विराम के लिए प्रतिबद्धता जताई।

M23 विद्रोहियों के बारे में

  • M23 को ‘मार्च 23 मूवमेंट’ भी कहा जाता है।  यह मुख्य रूप से तुत्सी नृजातीय समुदाय का सशस्त्र विद्रोही समूह है। 
  • यह समूह खनिज संसाधन समृद्ध पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में कांगो सेना के खिलाफ लड़ रहा है। 
  • इस विद्रोही समूह का नाम वास्तव में  23 मार्च, 2009 को हुए उस समझौते से जुड़ा है, जो तुत्सी नेतृत्व वाले विद्रोही समूह के CNDP और कांगो सरकार के बीच तुत्सी विद्रोह को समाप्त करने के लिए हुआ था।  
  • CNDP के पूर्व सदस्यों ने 2009 के समझौते के क्रियान्वयन में विफलता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, और संसाधनों के समान वितरण के मुद्दों को लेकर वर्ष 2012 में M23 मूवमेंट की शुरुआत की।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 85 (2024) से सुधरकर 77 (2025) हो गई है।

  • भारतीय नागरिक अब पहले से वीजा प्राप्त किए बिना 59 देशों की यात्रा कर सकते हैं।

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के बारे में

  • यह दुनिया के सभी पासपोर्ट्स की एक प्रामाणिक और मूल रैंकिंग है, जो यह दर्शाती है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा के यात्रा कर सकता है।
  • यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के विशेष डेटा पर आधारित होती है।
  • सिंगापुर इस सूचकांक में शीर्ष स्थान पर है।
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