सेलिब्रिटीज़ और उत्पादों का प्रचार (CELEBRITIES AND ENDORSEMENT OF PRODUCTS) | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

सेलिब्रिटीज़ और उत्पादों का प्रचार (CELEBRITIES AND ENDORSEMENT OF PRODUCTS)

19 Aug 2025
1 min

भूमिका

लोकमत को आकार देने में मशहूर हस्तियों (सेलिब्रिटीज) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। हाल ही में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई मशहूर हस्तियों पर अवैध सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने, जुआ और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इनमें लोकप्रिय अभिनेता और टीवी होस्ट शामिल हैं। यह घटना भी पहले के विवादों की तरह ही है, जैसे- तंबाकू के सेरोगेट उत्पादों का प्रचार करना, शराब, अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ और अनियमित क्रिप्टो प्लेटफॉर्म जैसे हानिकारक उत्पादों का प्रचार करना। यह मशहूर हस्तियों की नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हैं। 

प्रमुख हितधारक और उनके हित

हितधारक

प्रमुख हित

मशहूर हस्तियां

  • वित्तीय लाभ और ब्रांड की दृश्यता (विजिबिलिटी) बढ़ाना चाहते हैं। 
  • जन कल्याण सुनिश्चित करना अन्यथा व्यक्तिगत विश्वसनीयता का जोखिम। 
  • रोल मॉडल का नैतिक कर्तव्य, उच्चतम नैतिक मानकों को बनाए रखना है। 

कंपनियां/ प्लेटफॉर्म

  • लाभ को अधिकतम करना और बाजार में पहुंच को बढ़ाना।
  • देश के कानून का पालन करना और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखना। 

सरकारी एजेंसियां

  • कानूनों को लागू करना, उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना, धन शोधन को रोकना। 
  • अवैध प्रचार पर अंकुश लगाकर सार्वजनिक प्रणालियों में विश्वास बनाए रखना। 

समाज (विशेषकर युवा)

  • मशहूर हस्तियों के प्रभाव में सूचना पर आधारित निर्णय लेना।
  • वित्तीय नुकसान, लत या गैरकानूनी गतिविधि में भागीदारी की संभावना। 

हानिकारक उत्पादों के प्रचार से संबंधित प्रमुख नैतिक मुद्दे 

  • स्वायत्तता और सूचना आधारित सहमति: प्रचार संबंधी कैंपेन अक्सर जोखिमों को छिपाते हुए भावनात्मक अपील का उपयोग करते हैं, जो कांटियन नैतिकता का उल्लंघन है। कांटियन नैतिकता के तहत लोगों को साधन के रूप में नहीं, बल्कि साध्य (लक्ष्य) के रूप में मानना चाहिए। 
    • भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) के दिशा-निर्देशों में भी "विज्ञापन" के स्पष्ट लेबल, भुगतान/ उपहार का खुलासा और सत्यापित दावों का प्रावधान है।
  • जवाबदेही और जिम्मेदारी: गांधीवादी ट्रस्टीशिप के सिद्धांत के अनुसार, प्रसिद्धि का उपयोग जन कल्याण के लिए एक भरोसे के रूप में किया जाना चाहिए। 
    • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 भी झूठे या भ्रामक विज्ञापनों के लिए प्रचार करने वालों को जवाबदेह ठहराता है। 
  • परोपकार और गैर-हानिकारकता: मशहूर हस्तियों का कर्तव्य 'अच्छा करना' और 'कोई नुकसान नहीं पहुँचाना' है। हानिकारक या अवैध उत्पादों को बढ़ावा देने से इन दोनों का उल्लंघन होता है।
    • उदाहरण के लिए: मशहूर हस्तियां टीवी पर चीनी के उपभोग की आलोचना करती हैं, लेकिन चॉकलेट और आइसक्रीम का प्रचार करती हैं। 
  • रोल-मॉडल की सत्यनिष्ठा का क्षरण: सद्गुण नैतिकता (वर्चू एथिक्स) ईमानदारी, विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी को महत्व देती है। 
    • बार-बार संदिग्ध उत्पादों का प्रचार करने से नैतिक प्राधिकार को नुकसान पहुंचता है और रोल मॉडल के रूप में उनका प्रभाव कमजोर होता है।

हानिकारक उत्पादों के प्रचार को रोकने में प्रमुख चुनौतियां

  • वित्तीय प्रोत्साहन नैतिकता पर हावी होते हैं: मशहूर हस्तियों को प्रचार के लिए भारी राशि मिलती है, जिससे उन्हें लाभकारी वित्तीय प्रोत्साहन मिलते हैं। ये प्रोत्साहन उनके नैतिक विचारों पर हावी हो सकते हैं। 
  • सूचना संबंधी कमियां: मशहूर हस्तियां अक्सर स्वतंत्र सत्यापन के बिना कंपनी द्वारा दी गई जानकारी पर निर्भर करती हैं। इससे वे निर्माताओं या सेवा प्रदाताओं के भ्रामक दावों पर भरोसा कर लेते हैं। 
  • सेलिब्रिटी को पूजने की संस्कृति: कई समाजों में मशहूर हस्तियों के लिए गहरा सांस्कृतिक सम्मान उन्हें जवाबदेह ठहराना मुश्किल बना देता है, क्योंकि विनियमों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ कार्यवाही को हस्तियों पर हमला माना जा सकता है। 
  • विकसित होती उत्पाद श्रेणियां: डिजिटल संपत्ति और ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म जैसी नई उत्पाद श्रेणियां नियामक फ्रेमवर्क की तुलना में तेजी से उभरती हैं। इससे अस्थायी नियामक रिक्तियां (Regulatory Voids) पैदा हो जाती हैं, जिनका फायदा उठाया जा सकता है।
  • सीमित नियामक संसाधन: निगरानी एजेंसियों के पास अक्सर अत्यधिक प्लेटफॉर्म्स और मीडिया चैनलों पर मशहूर हस्तियों के प्रचार के विशाल परिदृश्य की निगरानी के लिए पर्याप्त कार्यबल और तकनीक की कमी होती है। 

नैतिकतापूर्ण प्रचार अभियानों के लिए आगे की राह 

  • नैतिक स्व-लेखापरीक्षा: मशहूर हस्तियों को व्यक्तिगत प्रचार दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए, ब्रांड की वैधता को सत्यापित करना चाहिए और सभी सशुल्क प्रचारों को पारदर्शी रूप से घोषित करना चाहिए। 
    • मशहूर हस्तियों को अपनी लोकप्रियता का उपयोग स्वास्थ्य, पर्यावरण, कानूनी जागरूकता और वित्तीय साक्षरता जैसे सार्वजनिक भलाई के कार्यों को बढ़ावा देने के लिए करना चाहिए।
  • जिम्मेदार उद्योग प्रथाएं: ब्रांडों और एजेंसियों को त्वरित लाभ की तुलना में दीर्घकालिक सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
  • मजबूत नीतिगत फ्रेमवर्क: उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों (जैसे- जुआ, वित्त) के लिए क्षेत्र-विशिष्ट नियम विकसित करना, अनिवार्य खुलासे और मशहूर हस्तियों, विशेषज्ञों और उपभोक्ताओं की स्व-नियमन परिषदों का गठन करना चाहिए। 
  • जन जागरूकता अभियान: मशहूर हस्तियों के प्रचार के संबंध में आलोचनात्मक उपभोक्ता दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना चाहिए। 
  • सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी: नैतिक व्यवहार केवल दंड के डर से नहीं, बल्कि सार्वजनिक भलाई के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होना चाहिए। 

निष्कर्ष

एक ऐसे समाज में जहां लोकप्रियता विश्वास को संचालित करती है, मशहूर हस्तियों को उस विश्वास के संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए। प्रचार केवल वाणिज्यिक कार्य नहीं हैं; बल्कि ये वास्तविक सामाजिक प्रभावों वाले नैतिक विकल्प हैं। 

अपनी नैतिक अभिक्षमता का परीक्षण कीजिए 

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उदय के साथ, अवैध या हानिकारक उत्पादों को बढ़ावा देने वाली मशहूर हस्तियों पर निगरानी बढ़ी है। यद्यपि भारतीय कानून जैसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, ASCI दिशा-निर्देश और उपभोक्ता मामलों के विभाग के हालिया निर्देश इन प्रचारों को विनियमित करते हैं, किंतु पारदर्शिता और नैतिक जिम्मेदारी में कमी के कारण फ़िलहाल चुनौतियां बनी हुई हैं।

इस पृष्ठभूमि में, निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: 

  • नैतिक विज्ञापन और प्रचार को बढ़ावा देने में विभिन्न हितधारकों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। इसके प्रवर्तन में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? 
  • डिजिटल युग में मशहूर हस्तियों के आचरण को बेहतर बनाने में सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी और नैतिक शिक्षा के महत्व पर चर्चा कीजिए। 
  • ऑनलाइन सट्टेबाजी और इसी तरह के हानिकारक उत्पादों के लिए मशहूर हस्तियों द्वारा अनैतिक प्रचार पर अंकुश लगाने के लिए कानूनी सुधारों, जवाबदेही तंत्रों और जागरूकता अभियानों को शामिल करते हुए एक मजबूत रणनीति प्रस्तावित कीजिए। 

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet