सुर्ख़ियों में क्यों?
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In: CERT-In) और साइबर सुरक्षा कंपनी SISA ने "ट्रांजिशनिंग टू क्वांटम साइबर रेडीनेस" शीर्षक से एक श्वेत-पत्र जारी किया है। इसका उद्देश्य क्वांटम प्रौद्योगिकियों, विशेषकर साइबर सुरक्षा पर उनके व्यापक परिवर्तनकारी प्रभावों से निपटने के लिए तैयारी करना है।
अन्य संबंधित तथ्य
- इस श्वेत-पत्र में इस बात को लेकर चेतावनी दी गयी है कि क्वांटम कंप्यूटर मौजूदा एन्क्रिप्शन एल्गोरिद्म के लिए गंभीर खतरा हैं क्योंकि वे रिवेस्ट-शमीर-एडलमैन (RSA) जैसे असिमेट्रिक क्रिप्टोग्राफिक प्रोटोकॉल को तोड़ सकते हैं।
- क्वांटम कंप्यूटर जटिल और कठिन गणितीय समस्याओं को हल कर सकते हैं तथा मशीन लर्निंग, ऑप्टिमाइज़ेशन और लॉजिस्टिक्स जैसे कार्य पारंपरिक कंप्यूटरों की तुलना में कई गुना तेजी से कर सकते हैं।
- श्वेत-पत्र के अनुसार, कोई भी डेटा जिसे 2030 के बाद तक सुरक्षित रखना आवश्यक है, उसे तत्काल असुरक्षित माना जाना चाहिए अर्थात् अभी से उसकी सुरक्षा के लिए मजबूत और नई तकनीकें अपनानी होंगी।
क्वांटम तकनीक से जुड़े साइबर खतरे
- हार्वेस्ट नाउ, डिक्रिप्ट लैटर (HNDL) अटैक: इन साइबर अटैक में विरोधी वर्तमान में एन्क्रिप्टेड डेटा इकट्ठा और संग्रहित करते हैं, ताकि भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर संचालित होने पर उसे डिक्रिप्ट किया जा सके।
- सिक्योर चैनल डिक्रिप्शन: क्वांटम कंप्यूटिंग, एन्क्रिप्टेड नेटवर्क संचार को तोड़ सकती है और गोपनीय संवादों (जैसे रक्षा संचार) को "सुनने" में सक्षम हो सकती है।
- हस्ताक्षर प्रतिरूपण (Signature impersonation): क्वांटम कंप्यूटिंग की मदद से अटैकेर्स नकली डिजिटल सर्टिफिकेट बना सकते हैं, जिससे वे मैलवेयर फैला सकते हैं और लक्षित फिशिंग अटैक कर सकते हैं।
- नए "ज़ीरो-डे" का खतरा: इसमें ऐसे अज्ञात क्वांटम एल्गोरिदम की संभावना शामिल है, जो मौजूदा क्रिप्टोग्राफिक सिस्टम को तोड़ सकते हैं और क्वांटम-प्रतिरोधी क्रिप्टोग्राफी को अपनाने के समक्ष भी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।

आगे की राह: श्वेत-पत्र द्वारा अनुशंसित क्वांटम साइबर रेडीनेस का रोडमैप
क्षेत्र | सिफारिशें |
आधारभूत मूल्यांकन एवं रणनीतिक योजना |
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प्रौद्योगिकी की तत्परता एवं क्षमता निर्माण |
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संगठनों में चरणबद्ध रूप से लागू करना |
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मजबूत, निगरानी एवं भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए तैयारी |
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निष्कर्ष
क्वांटम क्रांति अपरिहार्य है। ऐसे में जो संगठन निर्णायक रूप से और रणनीति बनाकर कार्य करेंगे, वे न केवल अपने डेटा को क्वांटम कंप्यूटिंग के खतरों से बचा सकेंगे, बल्कि क्वांटम-अनुकूल भविष्य को दिशा देने में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगे।