ऑपरेशन महादेव (OPERATION MAHADEV) | Current Affairs | Vision IAS
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संक्षिप्त समाचार

19 Aug 2025
7 min

केंद्र सरकार ने लोक सभा में बताया कि पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार तीन पाकिस्तानी आतंकवादी ऑपरेशन महादेव में मारे गए हैं।

ऑपरेशन महादेव के बारे में

  • यह भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त आतंकवाद विरोधी मिशन है।
  • उद्देश्य: लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तान-आधारित समूहों के समर्थन से कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने वाले विदेशी आतंकवादियों का सफाया करना।

यह ऑपरेशन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा दवाओं के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए शुरू किया गया था।

  • इस ऑपरेशन के तहत, NCB ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का राजफाश किया, जो चार महाद्वीपों में सीमित उपयोग वाली दवाओं की तस्करी करता था।
  • यह गिरोह एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, ड्रॉप शिपिंग मॉडल और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करके इन दवाओं की तस्करी करता था।
  • यह नेटवर्क दिखाता है कि आज के समय में अवैध व्यापार किस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्रिप्टोकरेंसी और ट्रांसनेशनल लॉजिस्टिक्स के मेल से और भी जटिल और संगठित होता जा रहा है।

INS उदयगिरी, जो प्रोजेक्ट 17A के स्टील्थ फ्रिगेट्स में दूसरा युद्धपोत है, भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया।

प्रोजेक्ट 17A

  • यह परियोजना शिवालिक क्लास (प्रोजेक्ट 17) फ्रिगेट्स का अगला चरण है, जो पहले से सेवा में सक्रिय हैं।
    • फ्रिगेट एक बहु-भूमिका वाला युद्धपोत होता है। इसका उपयोग समुद्र में अन्य युद्धपोतों या हवाई खतरों से बेड़े (जैसे विमान वाहक, विध्वंसक आदि) की सुरक्षा के लिए किया जाता है।
  • प्रोजेक्ट 17A के जहाजों की विशेषताएं- बेहतर स्टील्थ और अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस, जो प्रोजेक्ट 17 क्लास की तुलना में एक महत्वपूर्ण उन्नति है।
  • ये मल्टी-मिशन फ्रिगेट्स हैं, जो 'ब्लू वॉटर' वातावरण (गहरे समुद्रों) में संचालन करने में सक्षम हैं, और भारत के समुद्री हितों वाले क्षेत्रों में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह के खतरों से निपट सकते हैं।

भारत ने स्वदेशी एंटी-सबमरीन रॉकेट प्रणाली का परीक्षण किया है।

एक्सटेंडेड रेंज एंटी-सबमरीन रॉकेट (ERASR) के बारे में

  • यह एक पूर्णतया स्वदेशी पनडुब्बी-रोधी रॉकेट है। इसका उपयोग शत्रुओं की पनडुब्बियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। इसे भारतीय नौसेना के जहाजों से दागा जाता है।
  • इसमें ट्विन-रॉकेट मोटर कॉन्फ़िगरेशन होता है,  जो उच्च सटीकता और निरंतरता के साथ अलग-अलग दूरी पर स्थित लक्ष्यों को निशाना बना सकता है।  
  • इसमें स्वदेशी रूप से विकसित इलेक्ट्रॉनिक टाइम फ्यूज का उपयोग किया गया है।
  • इसका डिजाइन और विकास DRDO की पुणे स्थित आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE) द्वारा किया गया है। 

DRDO और भारतीय वायु सेना (IAF) ने Su-30 Mk-I लड़ाकू विमान से 'अस्त्र' मिसाइल का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया। यह मिसाइल स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर से लैस है। 

अस्त्र मिसाइल के बारे में

  • यह स्वदेशी "बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल" (BVRAAM) है।
  • इसका उपयोग बहुत तेज गति और दिशा बदलने वाले सुपरसोनिक विमानों को मार गिराने के लिए किया जाता है।
  • इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है।
  • यह मिसाइल दिन-रात और हर मौसम में कार्य करने में सक्षम है।
  • इस मिसाइल की मारक क्षमता 100 किलोमीटर से अधिक है। यह अत्याधुनिक मार्गदर्शन और नेविगेशन प्रणालियों से लैस है। 

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट पर प्रलय मिसाइल के लगातार दो सफल उड़ान परीक्षण किए।

प्रलय मिसाइल के बारे में

  • प्रलय एक सतह-से-सतह पर मार करने वाली कम दूरी की ठोस प्रणोदक क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है, जो हाइपरसोनिक गति (मैक 5 से ऊपर) से उड़ान भर सकती है।
    • क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल्स ऐसी मिसाइल्स होती हैं जो कम ऊंचाई पर बैलिस्टिक मार्ग अपनाती हैं। ये उड़ान के दौरान जरूरत पड़ने पर दिशा और मार्ग बदल सकती हैं। 
  • स्वदेशी रूप से विकसित: इसे हैदराबाद स्थित DRDO की सुविधा रिसर्च सेंटर इमारत ने अन्य सुविधाओं के सहयोग से विकसित किया है।
  • मारक क्षमता: 150 से 500 कि.मी.

अभ्यास बोल्ड कुरुक्षेत्र (Exercise Bold Kurukshetra)

भारत और सिंगापुर के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, 'अभ्यास बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025' का 14वां संस्करण 27 जुलाई, 2025 को शुरू हुआ।

अभ्यास बोल्ड कुरुक्षेत्र के बारे में

  • इस अभ्यास को एक टेबल टॉप अभ्यास और कंप्यूटर-आधारित युद्ध खेल के रूप में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य मशीनीकृत युद्ध के लिए परिचालन प्रक्रियाओं को सत्यापित करना है।

भारत NCX (Bharat NCX)

हाल ही में ‘भारत NCX 2025’ का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास (भारत NCX 2025) के बारे में

  • यह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) द्वारा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) के सहयोग से आयोजित किया गया।
  • उद्देश्य: 
    • देश की साइबर सुरक्षा क्षमता और साइबर अटैक से निपटने की तैयारी को मजबूत करना, और 
    • वास्तविक साइबर अटैक जैसी स्थितियों का अभ्यास कराना।
  • मुख्य विशेषताएं: लाइव-फायर साइबर सिमुलेशन, AI-एकीकृत साइबर डिफेंस प्रशिक्षण। 

सिंबेक्स अभ्यास (SIMBEX Exercise)

भारतीय नौसेना सिंगापुर में आयोजित 32वें सिंगापुर–भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (SIMBEX) में भाग ले रही है।

सिंबेक्स अभ्यास के बारे में

  • शुरुआत: यह  ‘लायन किंग अभ्यास’ के नाम से 1994 में शुरू हुआ था। 
  • यह भारतीय नौसेना और सिंगापुर नौसेना के बीच हर साल आयोजित होने वाला अभ्यास है।
    • भारत इस समुद्री अभ्यास में काफी लंबे वक्त से भाग ले रहा है।
    • यह अभ्यास भारत के सागर/SAGAR (सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन) विजन और एक्ट ईस्ट नीति के अनुरूप है।

टैलिसमैन सेबर अभ्यास (Exercise Talisman Sabre)

ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास “टैलिसमैन सेबर 2025” सिडनी में आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।

‘टैलिसमैन सेबर अभ्यास’ के बारे में

  • इसमें 19 देश और 35,000 से अधिक सैन्य कर्मी भाग ले रहे हैं। यह अभ्यास भूमि, समुद्र, वायु, अंतरिक्ष और साइबरस्पेस में आयोजित किया जाता है।
  • मुख्य भागीदार: संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, न्यूज़ीलैंड, नॉर्वे, यूनाइटेड किंगडम आदि।
    • पर्यवेक्षक राष्ट्र: मलेशिया और वियतनाम। 
  • इस अभ्यास में लाइव-फायर अभ्यास, फील्ड ट्रेनिंग गतिविधियां, एम्फीबियस लैंडिंग, थल सेना की चतुराई तथा हवाई युद्ध और सामुद्रिक क्षेत्र में संचालन शामिल हैं।

जा-माता/जा माटा (Jaa Mata)

जापान का तट रक्षक जहाज “इत्सुकुशिमा” संयुक्त युद्धाभ्यास 'जा माता' में भाग लेने के लिए चेन्नई पहुंच गया है।

‘जा माता’ के बारे में

  • जापानी भाषा में इसका अर्थ है- “फिर मिलेंगे”। 
  • यह जापान और भारत तटरक्षक बल के बीच संयुक्त समुद्री युद्ध अभ्यास है।
  • उद्देश्य: प्रभावी संयुक्त अभियानों के लिए परिचालन क्षमताओं को बढ़ाना, युद्ध कौशल को निखारना और इंटर-ऑपरेबिलिटी क्षमता को मजबूत करना है।
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