इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सार्वजनिक परामर्श के लिए ‘डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025’ का मसौदा जारी किया | Current Affairs | Vision IAS
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ये नियम (इन्फोग्राफिक देखें) अधिसूचित होने के बाद डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP), 2023 के कार्यान्वयन में मदद करेंगे।

 

DPDP अधिनियम 2023 के बारे में

  • पृष्ठभूमि:
    • 2011: न्यायमूर्ति ए.पी. शाह समिति ने निजता के संरक्षण पर कानून बनाने की सिफारिश की थी।
    • 2017: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ वाद में निजता को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी।
  • दायरा: यह भारत में ऑनलाइन या ऑफलाइन (जिसे बाद में डिजिटल किया गया) एकत्र किए गए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण को कवर करता है।
  • डेटा संरक्षण फ्रेमवर्क
    • डेटा फिड्युसरी (डेटा प्रोसेसिंग के उद्देश्य और प्रणाली को निर्धारित करने वाली इकाई) के लिए दायित्व:
      • उपयोगकर्ता (Data principals) की सहमति: व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करने से पहले उपयोगकर्ता की सहमति अनिवार्य है।
        • विधि-सम्मत उपयोग’ (Legitimate Uses) के लिए सहमति अनिवार्य नहीं होगी, जैसे यदि डेटा:
          • स्वेच्छा से प्रदान किया गया हो;
          • सरकार द्वारा किसी लाभ या सेवा को प्राप्त करने के लिए दिया गया हो; तथा 
          • चिकित्सा आपातकाल जैसी स्थिति में दिया गया हो।
      • बच्चों या दिव्यांग व्यक्तियों के डेटा की प्रोसेसिंग: इसके लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सत्यापित सहमति अनिवार्य है।
      • डेटा संरक्षण अधिकारी (DPO) की नियुक्ति: केंद्र सरकार किसी भी डेटा फिड्यूशरी या डेटा फिड्यूशरी की श्रेणी को महत्वपूर्ण डेटा फिड्युसरी (Significant Data Fiduciary) के रूप में अधिसूचित कर सकती है।
        • महत्वपूर्ण डेटा फिड्यूशरी ऐसे DPO की नियुक्ति करेगा, जो भारत में रहने वाला हो। वह शिकायत निवारण तंत्र के लिए संपर्क बिंदु होगा।
    • उपयोगकर्ता का अधिकार: डेटा फिड्यूशरी से यह जानकारी प्राप्त करने का अधिकार कि उसका व्यक्तिगत डेटा कैसे प्रोसेस किया जा रहा है; कौन-कौन सी अन्य संस्थाएं उसके डेटा तक पहुंच रखती हैं, या उसके व्यक्तिगत डेटा से संबंधित कोई अन्य जानकारी।
    • प्रवर्तन: डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB) के पास व्यक्तिगत डेटा की चोरी की शिकायतों के निवारण लिए सिविल न्यायालय की शक्तियां हैं।
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