भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बल | Current Affairs | Vision IAS
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ITBP ने सुरक्षा और कार्रवाई संबंधी तत्परता बढ़ाने के लिए 33 सीमा चौकियों को भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब स्थानांतरित कर दिया है।

ITBP के बारे में

  • यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है।
  • आदर्श वाक्य: शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा।
  • उत्पत्ति: इसे 1962 में चीनी आक्रमण के बाद CRPF अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था। हालांकि, 1992 में संसद ने ITBPF अधिनियम पारित किया था।
  • इसके मुख्य कार्य: 
    • यह भारत-चीन सीमा की 3,488 किमी लंबी सीमा की सुरक्षा करता है।
    • यह राष्ट्रीय महत्त्व की विभिन्न संस्थाओं को सुरक्षा प्रदान करता है, जिनमें राष्ट्रपति भवन भी शामिल है।
    • यह हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक विपदाओं से निपटने वाले प्रथम बल के रूप में कार्य करता है।

भारत की तटरेखा की लंबाई 1970 में 7,516 किमी से बढ़ाकर 2023-24 में 11,098 किमी कर दी गई है। यह पिछले 53 वर्षों में 48% की वृद्धि को दर्शाता है।

  • इस वृद्धि का कारण राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक द्वारा भारत के समुद्री क्षेत्र को मापने के लिए नई पद्धति का उपयोग किया जाना है।
    • यह पद्धति जटिल तटीय संरचनाओं जैसे खाड़ी, ज्वारनदमुख और निवेशिकाओं को भी मापती है, जबकि पुराने तरीकों में लम्बाई को सीधी रेखा में मापा जाता था।

मुख्य निष्कर्ष

  • पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि (357%) दर्ज की गई, जबकि केरल में सबसे कम वृद्धि (5%) दर्ज की गई।
    • पुडुचेरी की तटरेखा 4.9 किमी कम हो गई है। 
  • गुजरात सबसे लंबी तटरेखा वाले राज्य के रूप में अपना स्थान बरकरार रखे हुए है। इसके बाद तमिलनाडु का स्थान है, जिसने आंध्र प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है। आंध्र प्रदेश अब तीसरे स्थान पर है।

कर्नाटक ने वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 'गरुड़ाक्षी' ऑनलाइन FIR प्रणाली शुरू की।

गरुड़ाक्षी के बारे में

  • पुलिस विभाग की FIR प्रणाली के समान ऑनलाइन FIR प्रणाली को सक्षम करने वाला सॉफ्टवेयर है।
  • इससे आम जनता मोबाइल फोन या ईमेल के माध्यम से वन अपराधों की शिकायत दर्ज करा सकेगी।
  • इसे भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट के सहयोग से विकसित किया गया है।

भारतीय रेलवे ने भारत के पहले केबल-स्टेड रेल पुल अंजी खड्ड पुल के पूरा होने के साथ ही एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल की है।

अंजी खड्ड पुल: मुख्य विवरण

  • स्थान: जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में स्थित उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है।
  • आयाम:
    • लंबाई: 725.5 मीटर। 
    • ऊंचाई: यह अंजी नदी (चेनाब की एक सहायक नदी) से 331 मीटर ऊपर है।
  • महत्त्व:
    • कटरा और कश्मीर घाटी के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा।
    • इससे जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा मिलने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने ई-श्रम पोर्टल पर बहुभाषी कार्यक्षमता का शुभारंभ किया है।

  • भाषिणी परियोजना के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल को उन्नत किया गया है। इससे अब यह पोर्टल संविधान में अनुसूचित सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध होगा। पहले यह पोर्टल केवल अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़ और मराठी में था।

भाषिणी परियोजना के बारे में

  • इसे 2022 में शुरू किया गया था।
  • मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)।
  • यह व्यापक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM) का हिस्सा है।
  • यह एक ऐसा टूल है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भारतीय भाषाओं का अनुवाद कर सकता है और कई भाषाओं में काम करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • उद्देश्य: भाषा संबंधी बाधाओं को समाप्त करना तथा नागरिकों को उनकी मूल भाषा में स्पीच व पाठ्य सामग्री और सेवाएं प्रदान करना।

GEAPP और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने उच्च प्रभाव वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं के समर्थन हेतु 100 मिलियन डॉलर का कोष स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • घोषित की गई अन्य पहलें:
    • डिजिटलाइजेशन ऑफ यूटिलिटीज फॉर एनर्जी ट्रांजीशन (DUET); 
    • एनर्जी ट्रांजीशंस इनोवेशन चैलेंज (ENTICE 2.0) आदि। 

ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट (GEAPP) के बारे में

  • GEAPP एक वैश्विक व सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली पहल है। इसका उद्देश्य विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन को तीव्र करना है।
  • इसके निम्नलिखित लक्ष्य हैं: 
    • 1 बिलियन लोगों को ऊर्जा उपलब्ध कराना, 
    • 150 मिलियन लोगों को हरित रोजगार उपलब्ध कराना, 
    • 4 बिलियन टन उत्सर्जन से बचाव करना आदि।
  • फोकस क्षेत्र: वितरित नवीकरणीय ऊर्जा समाधान, ऊर्जा संबंधी गरीबी (विद्युत तक पहुंच का अभाव) उन्मूलन, सतत विकास आदि। 

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री ने कांडला बंदरगाह की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रमुख पहलों की घोषणा की।

कांडला बंदरगाह के बारे में

  • निर्माण: इसे 1950 के दशक में कराची बंदरगाह के प्रतिस्थापन के रूप में निर्मित किया गया था। ऐसा इस कारण, क्योंकि भारत के विभाजन के बाद कराची बंदरगाह पाकिस्तान का हिस्सा बन गया था। 
  • आधिकारिक नाम: दीनदयाल बंदरगाह। भारतीय पत्तन अधिनियम, 1908 के तहत 2017 में इसका नाम बदल दिया गया था।
  • स्थान: यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है।
  • महत्त्व:
    • कार्गो की मात्रा के हिसाब से पारादीप बंदरगाह के बाद यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है।
    • यह उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।
    • इसमें कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र (KASEZ) स्थित है। इसकी स्थापना 1965 में भारत और एशिया के पहले SEZ के रूप में की गई थी।
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