अधिवास-आधारित आरक्षण | Current Affairs | Vision IAS
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हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पीजी मेडिकल सीटों में अधिवास-आधारित आरक्षण असंवैधानिक होने के कारण अस्वीकार्य है। ऐसा इस कारण, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है।

अधिवास-आधारित आरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान 

  • अनुच्छेद 16 (2): इसके अनुसार ‘कोई भी नागरिक केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, वंश, जन्म स्थान, निवास या इनमें से किसी के आधार पर राज्य के अधीन किसी भी नियोजन या पद के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा या उसके साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।’ 
    • हालांकि अनुच्छेद 16(3), संसद को राज्य/ संघ राज्य क्षेत्र सरकार या स्थानीय प्राधिकरण के तहत नियोजन के किसी वर्ग या वर्गों के संबंध में राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के भीतर निवास की शर्त लगाने वाला कोई भी कानून बनाने की अनुमति देता है।

सेना द्वारा शासित तीन देशों माली, बुर्किना फासो और नाइजर ने कूटनीतिक तनाव के बाद आधिकारिक तौर पर ECOWAS की सदस्यता का त्याग कर दिया है।

ECOWAS के बारे में 

  • उत्पत्ति: इसकी स्थापना 1975 में हुई थी। 
  • मुख्यालय: इसका मुख्यालय अबुजा (नाइजीरिया) में स्थित है। 
  • उद्देश्य: इस संगठन का उद्देश्य लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाने और आर्थिक संवृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
    • ECOWAS के सदस्य देशों के नागरिकों को सभी सदस्य देशों के यहां रहने और कार्य करने का अधिकार है। साथ ही, उन्हें वस्तुओं के मुक्त परिवहन का अधिकार भी दिया गया है।
  • सदस्य: 12 (उपर्युक्त तीनों देशों के निकलने के बाद)
    • इसके वर्तमान सदस्य हैं- बेनिन, काबो वर्डे, कोटे डी आइवर, गैम्बिया, घाना, गिनी, गिनी-बिसाऊ, लाइबेरिया, नाइजीरिया, सेनेगल, सिएरा लियोन और टोगो।

हाल ही में, भारत ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के निवासियों की सहायता के लिए मानवीय सहायता भेजी।

कुर्दिस्तान क्षेत्र के बारे में

  • कुर्दिस्तान एक पहाड़ी क्षेत्र है। इसमें पूर्वी तुर्की, उत्तरी इराक, पश्चिमी ईरान के भाग, तथा उत्तरी सीरिया और आर्मेनिया के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।
  • इस क्षेत्र में मुख्य रूप से "कुर्द" नामक नृजातीय समूह रहता है।
  • यह मध्य पूर्व का चौथा सबसे बड़ा नृजातीय समूह है। इनकी अपनी कोई राष्ट्रीयता नहीं है। 
  • प्रथम विश्व युद्ध के बाद सेव्रेस की संधि के तहत, पश्चिमी देशों  ने कुर्दों को उनकी अपनी मातृभूमि (देश) देने का वादा किया था।
  • हालांकि, 1924 की लॉज़ेन की संधि ने उनकी उम्मीदों को समाप्त कर दिया। इस संधि ने कुर्द समुदाय को मध्य पूर्व के नवगठित अलग-अलग देशों में विभाजित कर दिया।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने ई-श्रम पहल के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए  माइक्रोसाइट्स  तथा ऑक्यूपेशनल शॉर्टेज इंडेक्स (OSI) लॉन्च किए हैं।

ई-श्रम माइक्रोसाइट्स के बारे में

  • यह राज्य-विशिष्ट डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म हैं। इन्हें राष्ट्रीय ई-श्रम डेटाबेस के साथ सहजता से एकीकृत किया गया है।
  • लाभ:
    • राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए: यह रेडी-टू यूज  डिजिटल अवसंरचना, रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।
    • श्रमिकों के लिए: वे आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं, ये कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, आदि।

ऑक्यूपेशनल शॉर्टेज इंडेक्स (OSI) के बारे में

  • उद्देश्य: यह अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) पद्धति और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के डेटा का उपयोग करके कार्यबल की मांग एवं उपलब्धता में मौजूद अंतर की पहचान करेगा।
  • मुख्य कार्य: उच्च मांग वाले क्षेत्रकों में नौकरी की कमी को ट्रैक करना, कार्यबल नियोजन और कौशल विकास का समर्थन करना इत्यादि।  

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मुख्य तीस्ता नदी पर स्थित तीस्ता-III बांध के पुनर्निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। 

  • हालांकि,  इस परियोजना के डिजाइन और स्थिरता के बारे में पूर्व में चिंताएं व्यक्त की गई थीं। 

तीस्ता नदी के बारे में

  • उद्गम: यह उत्तरी सिक्किम में त्सो ल्हामो झील से निकलती है। यह भारत में पश्चिम बंगाल और सिक्किम से बहती हुई बांग्लादेश में प्रवेश करती है।
  • सहायक नदी: यह ब्रह्मपुत्र नदी की दाहिने तट की सहायक नदी है।
    • रंगीत नदी, तीस्ता की एक सहायक नदी है।
  • अपवाह मार्ग: शिवालिक पहाड़ियों से होकर दक्षिण की ओर बहती है, सिवोक खोला दर्रे से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर बहती हुई पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है।
  • किसमें मिलती है: मूल रूप से, यह सीधे अपर पद्मा नदी (गंगा) में मिल जाती थी।
    • हालांकि, 1787 के आसपास, इसने अपना मार्ग बदल लिया और बांग्लादेश में पूर्व की ओर बहती हुई जमुना नदी से मिल जाती है।

हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्वांतानामो बे में माइग्रेंट डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया। 

ग्वांतानामो बे के बारे में 

  • अवस्थिति: यह कैरेबियन सागर के एक इनलेट का निर्माण करती है। यह दक्षिण-पूर्वी क्यूबा में स्थित है।
  • विशेषताएं: यह एक बड़ी और अच्छी तरह से सुरक्षित खाड़ी है। इसमें बंदरगाह का संकीर्ण प्रवेश द्वार है और यह बड़े जहाजों को समायोजित करने में सक्षम है। 
  • बंदरगाह: कैमानेरा और बोकेरोन ग्वांतानामो शहर से जुड़े हुए हैं।
  • नौसेना स्टेशन ग्वांतानामो बे (NSGB): 1903 में स्थापित ग्वांतानामो बे संयुक्त राज्य अमेरिका का सबसे पुराना विदेशी सैन्य प्रतिष्ठान है। 
    • क्यूबा के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के लीज़ अनुबंध के अनुसार, क्यूबा की संप्रभुता बरकरार रखते हुए यह अमेरिका का अधिकार-क्षेत्र बना रहेगा। 

हाल ही में, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने सोलर PV मॉड्यूल तथा इन्वर्टर की गुणवत्ता का नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सोलर सिस्टम, डिवाइस और कंपोनेंट गुड्स आदेश, 2025 जारी किया है। 

  • यह आदेश भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अधिनियम, 2016 के तहत जारी किया गया है। 
  • BIS अधिनियम, 2016 में एक राष्ट्रीय मानक निकाय (BIS) की स्थापना का प्रावधान किया गया है, ताकि गुड्स, आर्टिकल्स, प्रोसेस आदि के मानकीकरण तथा गुणवत्ता आश्वासन संबंधी गतिविधियों का सामंजस्यपूर्ण विकास किया जा सके।

आदेश के मुख्य उपबंधों पर एक नजर:

  • यह मौजूदा सोलर फोटोवोल्टिक्स, सिस्टम, डिवाइस और कंपोनेंट गुड्स (अनिवार्य पंजीकरण के लिए आवश्यकताएं) आदेश, 2017 को संशोधित करता है तथा उसकी जगह लेता है। 
  • भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) लाइसेंस प्रदान करने और आदेश को लागू करने से संबंधित गतिविधियों की देखरेख करेगा।

वैज्ञानिकों के अनुसार, बेन्नू क्षुद्रग्रह से प्राप्त नमूनों से जीवन के निर्माण खंडों का पता चला है। 

क्षुद्रग्रह बेन्नू के बारे में

  • बेन्नू एक छोटा और पृथ्वी के निकट स्थित क्षुद्रग्रह है। यह लगभग हर छह वर्ष में पृथ्वी के निकट से गुजरता है।
  • नासा ने अपने OSIRIS-REx अंतरिक्ष यान के ज़रिए रोबोटिक आर्म्स का उपयोग करके 2020 में इस क्षुद्रग्रह से नमूने एकत्र किए थे। इसे विश्लेषण के लिए 2023 में पृथ्वी पर वापस लाया गया था। 
  • निष्कर्ष: जीवन-निर्माण के लिए आवश्यक यौगिक अमीनो एसिड, न्यूक्लियोबेस और खनिज यह दर्शाते हैं कि कभी बेन्नू पर पानी मौजूद था। 
  • यह संभवतः 700 मिलियन से 2 बिलियन वर्ष पहले एक बहुत बड़े कार्बन-समृद्ध क्षुद्रग्रह से टूटकर अलग हुआ था। 
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