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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

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यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

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चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि EPIC नंबर में दोहराव का अर्थ डुप्लिकेट/ फर्जी मतदाता नहीं है।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि EPIC नंबर का दोहराव डुप्लिकेट या फर्जी मतदाता होने का संकेत नहीं देता।  

  • यह स्पष्टीकरण उन मामलों में दिया गया था, जहां दो अलग-अलग राज्यों में समान EPIC नंबर पाए गए थे। ऐसा पहले की मैनुअल और विकेंद्रीकृत प्रक्रिया के कारण हुआ था। अब मतदाता सूची डेटाबेस को ERONET प्लेटफ़ॉर्म पर शिफ्ट कर दिया गया है।

EPIC नंबर के बारे में

  • यह 10-अंकों वाला मतदाता पहचान पत्र संख्या है, जो चुनाव आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची में पंजीकृत मतदाताओं को जारी किया जाता है।

ERONET (मतदाता सूची प्रबंधन) प्लेटफॉर्म के बारे में

  • यह एक वेब-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है जिसे चुनाव अधिकारियों द्वारा मतदाता पंजीकरण,  माइग्रेशन और मतदाता सूची से नामों को हटाने से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को संभालने के लिए विकसित किया गया है।
  • विशेषताएं: सभी राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों के लिए एकीकृत डाटाबेस; चुनाव अधिकारियों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए रिपोर्टिंग प्रणाली, आदि।

युद्ध अभ्यास ‘डेजर्ट हंट 2025’ भारतीय वायु सेना द्वारा जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया गया।

अभ्यास डेजर्ट हंट 2025 के बारे में

  • यह तीनों सेनाओं के विशेष बल का युद्ध अभ्यास है। 
  • इसमें तीनों सेनाओं की निम्नलिखित विशिष्ट इकाइयां शामिल हुईं:
    • भारतीय थल सेना के पैरा (विशेष बल), 
    • भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो (MARCOS), और 
    • भारतीय वायु सेना के गरुड़ स्पेशल फोर्स।
  • इस अभ्यास का मकसद यह परखना है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में हमारे सैन्य बल कितनी तेजी से और प्रभावी ढंग से एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं। यह अभ्यास युद्ध स्थितियों में आपसी सहयोग, समन्वय और तेजी से प्रतिक्रिया करने की क्षमताओं का मूल्यांकन करने और उन्हें सुधारने का अवसर देता है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने श्रीलंकामल्लेश्वर अभयारण्य में प्राचीन शैल कला और शिलालेखों की खोज की है।

श्रीलंकामल्लेश्वर वन्यजीव अभयारण्य के बारे में

  • यह आंध्र प्रदेश में स्थित है।
  • यह पेन्नार नदी के जलग्रहण क्षेत्र में आता है।
  • यह अभयारण्य क्रिटिकली एंडेंजर्ड पक्षी जेर्डन कोर्सर (रात्रिचर पक्षी) का एकमात्र पर्यावास स्थल है।
  • वनस्पति: यहाँ लाल चंदन और सैंडलवुड की महत्वपूर्ण प्रजातियां पाई जाती हैं।
  • जीव-जंतु: तेंदुआ, सियार, चिंकारा, चौसिंघा , स्लॉथ बियर, आदि।
  • वन प्रकार: पहाड़ियों में दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन, मैदानों में झाड़ीदार वन, दक्षिणी शुष्क मिश्रित पर्णपाती वन, उष्णकटिबंधीय कांटेदार वन और उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार वन।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने नीति आयोग के सहयोग से स्वावलंबिनी - महिला उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया है।

स्वावलंबिनी–महिला उद्यमिता कार्यक्रम के बारे में

  • यह लैंगिक रूप से समावेशी उद्यमिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • उद्देश्य: इस कार्यक्रम का लक्ष्य उच्चतर शिक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को उद्यमिता के लिए आवश्यक कौशल, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें सक्षम बनाना है। 
  • संरचना: इसमें उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, महिला उद्यमिता विकास कार्यक्रम, मार्गदर्शन और फैकल्टी ट्रेनिंग भी शामिल हैं।
  • कार्यान्वयन निकाय: राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान।
  • प्रभाव: इसका लक्ष्य प्रशिक्षित प्रतिभागियों में से 10% को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है, जिससे भारत में महिलाओं के नेतृत्व में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

एक नए अध्ययन से पता चला है कि मंगल ग्रह का लाल रंग ग्रह की धूल में मौजूद फेरिहाइड्राइट के कारण है। पहले माना जाता था कि मंगल ग्रह का लाल रंग हेमेटाइट के कारण है।

  • हेमेटाइट के विपरीत, फेरिहाइड्राइट ठंडे पानी की उपस्थिति में शीघ्रता से बनता है। इसका अर्थ है कि मंगल ग्रह पर फेरिहाइड्राइट की उपस्थिति अतीत में जल के प्रत्यक्ष प्रमाण का संकेत देती है।

फेरिहाइड्राइट के बारे में 

  • यह पृथ्वी की सतह पर व्यापक रूप से पाया जाने वाला हयड्रोस फेरिक ऑक्सी-हाइड्रॉक्साइड खनिज है।
  • कई अन्य खनिजों जैसे कि हेमेटाइट, गोइथाइट का निर्माण इसी से हुआ है।
  • फेरिहाइड्राइट मुख्य रूप से तेजी से अपक्षय की प्रक्रिया से गुजरने वाली मिट्टी में पाया जाता है। यह घुलनशील सिलिकेट या कार्बनिक आयनों से भरपूर मिट्टी में भी पाया जाता है, जहां यह अधिक क्रिस्टलीय लौह ऑक्साइड के निर्माण को बाधित करता है।
  • गुण: इसके कण नैनो आकार के होते हैं और इनमें निम्नस्तरीय क्रिस्टलीयता होती है।
  • इसका उपयोग भारी तत्व संदूषकों के पृथक्करण में किया जाता है।

इस पहल का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण, सतत भूमि प्रबंधन और टांगानिका झील बेसिन में जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

  • वित्त-पोषण: वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) द्वारा।
  • उद्देश्य: टांगानिका झील के किनारे स्थित चार देशों के बीच सीमा-पार सहयोग को बढ़ावा देना

टांगानिका झील बेसिन के बारे में

  • इसका बेसिन चार देशों- बुरुंडी, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, तंजानिया और जाम्बिया में अवस्थित है।
  • टांगानिका अफ्रीका की महान झीलों में से एक है। आयतन की दृष्टि से यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।
  • इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता प्राप्त है।

कुर्द समूह कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) ने तुर्की के साथ युद्ध विराम की घोषणा की।

कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के बारे में

  • इस समूह ने 1980 के दशक की शुरुआत में तुर्की सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह शुरू किया था। आरंभ में इस विद्रोह में कुर्दों के लिए स्वतंत्रता की मांग की गई थी।
  • तुर्की, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अमेरिका में PKK आतंकवादी समूह के रूप में प्रतिबंधित है।

कुर्द समुदाय के बारे में

  • कुर्द एक नृजातीय समूह है। इनकी आबादी लगभग 40 मिलियन है। 
  • इस समूह के लोग मुख्य रूप से ईरान, इराक, सीरिया और तुर्की में रहते हैं।
  • कुर्द समुदाय के लोग कुर्दिश भाषा की अलग-अलग बोलियां बोलते हैं। ये बोलियां तुर्की या अरबी भाषा से सीधे तौर पर संबंधित नहीं हैं। 
  • कुर्द समुदाय के अधिकांश लोग सुन्नी मुसलमान हैं।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, गेहूं में सेलेनियम की उच्च मात्रा से बाल झड़ते हैं।

सेलेनियम के बारे में

  • सेलेनियम एक प्राकृतिक तत्व है, जिसकी अल्प मात्रा ही मानव शरीर के लिए आवश्यक होती है।
  • हानिकारक: यदि इसका सेवन आवश्यकता से दुगुनी मात्रा में कर लिया जाए तो यह हानिकारक साबित हो सकता है।
  • सेलेनियम प्राकृतिक रूप से मिट्टी में पाया जाता है, इसलिए पौधे-आधारित खाद्य पदार्थों के माध्यम से हमारे शरीर में इसकी मात्रा प्रभावित होती है।

सेलेनियम प्रदूषण

  • कारण: मानवीय गतिविधियां, जैसे जीवाश्म ईंधन से निकलने वाले अपशिष्ट का अनुचित निपटान और सेलेनियम युक्त मिट्टी में सिंचाई, सेलेनियम प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण हैं।
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