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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI/सेबी) ने इनसाइडर ट्रेडिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के लिए नेस्ले इंडिया को चेतावनी जारी की।

इनसाइडर ट्रेडिंग के बारे में

  • परिभाषा: इनसाइडर ट्रेडिंग सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी की प्रतिभूतियों को खरीदने या बेचने का कार्य है। इसमें किसी कंपनी या निगम में कार्य करने वाला या उच्च पद पर आसीन व्यक्ति के पास उस कंपनी या निगम की प्रतिभूतियों (या शेयरों) के अप्रकाशित मूल्य की संवेदनशील जानकारी होती है। वह व्यक्ति उक्त जानकारी का दुरुपयोग कर उन प्रतिभूतियों (या शेयरों) का व्यापार करता है।
  • विनियमन: इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध (PIT) विनियम, 2015 के तहत इसे विनियमित किया जाता है। इन विनियमों को 2024 में संशोधित किया गया था। ये विनियम कंपनी के आंतरिक लोगों को अनुपालक रीति से प्रतिभूतियों में व्यापार करने में सक्षम बनाते हैं। इसके अंतर्गत:
    • सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग की समस्या को रोकने के लिए "ट्रेडिंग विंडो" का नियम बनाया है। ट्रेडिंग विंडो एक निश्चित समय अवधि होती है, जिसके दौरान इनसाइडर्स कंपनी के शेयरों में व्यापार कर सकते हैं। इसके कारण इनसाइडर्स के पास ट्रेडिंग के लिए एक सीमित समय होता है। 
    • इनसाइडर ट्रेडर को शेयर की कीमत, राशि और लेन-देन की तारीख को पहले से निर्दिष्ट करते हुए एक 'ट्रेडिंग योजना' प्रस्तुत करनी होती है।

इलेक्ट्रॉनिक खिलौना क्षेत्रक को बढ़ावा देने के लिए MeitY की अनुसंधान पहल के तहत पहली बार सी-डैक द्वारा "ई-टॉयकैथॉन 2025" का आयोजन किया गया।

ई-टॉयकैथॉन 2025 के बारे में

  • इसे MeitY द्वारा वित्त पोषित परियोजना "डेवलपमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी-बेस्ड कंट्रोल एंड ऑटोमेशन सॉल्यूशंस फॉर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक-टॉय इंडस्ट्री" के तहत घोषित किया गया था।

भारत के खिलौना उद्योग के बारे में

  • स्थिति: भारत के खिलौना उद्योग के 2028 तक 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
  • उठाए गए कदम:
  • भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत खिलौना गुणवत्ता नियंत्रण आदेश, 2020 जारी किया गया है।
  • खिलौनों के व्यापार, डिजाइन और गुणवत्ता तथा स्वदेशी खिलौनों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना घोषित की गई है।
  • विदेश व्यापार महानिदेशालय ने निम्नस्तरीय खिलौनों के आयात पर अंकुश लगाने के लिए सैंपल टेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है।

वर्ष 2025 में युद्ध अभ्यास खंजर-XII का आयोजन किर्गिज़स्तान में किया जाएगा।

युद्ध अभ्यास खंजर के बारे में:

  • यह भारत-किर्गिज़स्तान संयुक्त विशेष बलों का युद्ध अभ्यास है।
  • यह वार्षिक रूप से दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है।
  • उद्देश्य: आतंकवाद-रोधी और विशेष बल अभियानों के संबंध में अपने अनुभवों एवं सर्वोत्तम पद्धतियों का आदान-प्रदान करना।

IPCC ने अपनी आकलन रिपोर्ट के सातवें चक्र पर काम शुरू कर दिया है।

  • IPCC की आकलन रिपोर्ट सरकारों को सभी स्तरों पर जलवायु संबंधी नीतियां बनाने के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है।

जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल (IPCC) के बारे में  

  • इसके बारे में: यह जलवायु परिवर्तन से संबंधित विज्ञान का आकलन करने हेतु एक अंतर्राष्ट्रीय निकाय है। 
  • उत्पत्ति: इसे विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा 1988 में स्थापित किया गया है।
  • सदस्य: भारत सहित 195 देश।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य नीति निर्माताओं को जलवायु परिवर्तन, इसके प्रभाव व भविष्य में होने वाले जोखिमों, और अनुकूलन तथा शमन संबंधी विकल्पों के वैज्ञानिक आधार पर नियमित तौर पर आकलन प्रदान करना है।

नए शोध में पाया गया है कि पश्चिमी अफ्रीकी कोको उद्योग और ड्रायड इंसेक्ट्स के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के चलते गोलियथ बीटल की एक प्रजाति विलुप्त हो चुकी है।

गोलियथ बीटल के बारे में

  • विशेषताएं:
    • यह विश्व के सबसे बड़े कीटों में से एक है। यह 110 मिमी तक लंबा हो जाता है। 
    • इसकी पांच प्रजातियां पाई जाती हैं। नर में Y आकार के सींग होते हैं। मादा में सींग नहीं होते हैं।
    • ये उड़ सकते हैं और रात्रिचर होते हैं। 
    • वयस्क गोलियथ बीटल वर्षावनों में परिपक्व वृक्षों से निकलने वाले रस या चिपचिपे तरल पदार्थ को खाते हैं।
  • पर्यावास: ये मुख्य रूप से अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में पाए जाते हैं। 
  • महत्त्व: ये प्राकृतिक रूप से अपघटक होते हैं तथा मांस और पादपों के अपशिष्ट को खाकर पोषक तत्वों को पुनः चक्रित करते हैं। इनकी अधिक संख्या अच्छे वन स्वास्थ्य का संकेत देती है।

यूनिसेफ (UNICEF) जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के साथ मिलकर महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित जिलों, जैसे जालना में, परिवार-आधारित देखभाल को बढ़ावा देने के लिए KCBCP पर काम कर रहा है।

KCBCP के बारे में

  • यह भारत की बाल संरक्षण प्रणाली में एक व्यापक बदलाव का हिस्सा है। इसके तहत संस्थागत देखभाल संस्थानों (जैसे अनाथालय) की जगह अब परिवार-आधारित समाधानों को अपनाया जा रहा है।
  • इसके निम्नलिखित उद्देश्य हैं:
    • बच्चों को उनके परिवार से अलग होने से रोकने के लिए परिवार को सशक्त बनाना। 
    • पालन-पोषण संबंधी देखभाल और नातेदारी देखभाल जैसी व्यवस्था को प्रोत्साहित करना।
  • मस्तिष्क के बेहतर विकास के लिए बच्चों को उनके रिश्तेदारों या समुदाय के सदस्यों की देखरेख में उनके गांवों में रखा जाता है।
  • मिशन वात्सल्य जैसी योजनाएं भी गैर-संस्थागत सहायता को बढ़ावा देती हैं, परिवार की भूमिका को मजबूत करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई भी बच्चा उपेक्षित न रह जाए।

अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के अनुसार, हंटावायरस की गंभीरता ने चिंताएं पैदा की है।

हंटावायरस के बारे में

  • हंटावायरस विषाणुओं की एक फैमिली है। इस रोग का प्रसार कुछ कृन्तकों जैसे डियर माइस, सफेद पैर वाले चूहे, राइस रैट्स और कॉटन रैट्स द्वारा किया जाता है।
  • प्रभाव: यह वायरस कई घातक बीमारियों का कारण बन सकता है, जिनमें शामिल हैं:
  • हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (एक गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी)।
  • हैमरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS): आंतरिक रक्तस्राव और गुर्दे की विफलता से जुड़ी स्थिति।
  • जोखिम ग्रस्त लोग: ऐसे लोग जो उन क्षेत्रों में रहते या काम करते हैं, जहां कृन्तकों की आबादी अधिक होती है, जैसे किसान, निर्माण कार्य करने वाला श्रमिक आदि।
  • उपचार: इसका कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार या इलाज उपलब्ध नहीं है।

हाल ही में साहित्य अकादमी ने 23 लेखकों को वर्ष 2024 के लिए अपने प्रतिष्ठित 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' से सम्मानित किया।

साहित्य अकादमी के बारे में

  • उत्पत्ति: साहित्य अकादमी की औपचारिक स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। इसे सोसायटीज़ पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत किया गया है।
  • मंत्रालय: यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है।
  • भूमिका: 24 भाषाओं में साहित्यिक गतिविधियां संचालित करता है। अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाओं में संविधान की अनुसूची VIII के तहत सूचीबद्ध 22 भाषाएं तथा अंग्रेजी व राजस्थानी शामिल हैं।
  • इसके प्रमुख पुरस्कार: साहित्य अकादमी पुरस्कार और भाषा सम्मान।
    • यह पुरस्कार प्रतिवर्ष एक भारतीय नागरिक को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार किसी लेखक को जीवन में एक बार, एक भाषा में तथा एक विशिष्ट श्रेणी में दिया जाता है।
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