भारतीय सुरक्षा बलों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए ‘ऑपरेशन शिवा’ शुरू किया।
- यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शुरू किया गया है।
श्री अमरनाथ जी गुफा के बारे में
- अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में समुद्र तल से 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। पवित्र अमरनाथ गुफा में हर साल प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग यानी बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालु आते हैं।
- यह भगवान शिव के लिंग स्वरूप यानी शिवलिंग का प्रतीक है।
- इस गुफा में बर्फ से बने दो स्टैलेग्माइट देवी पार्वती (भगवान शिव की पत्नी) और भगवान गणेश (उनके पुत्र) का प्रतीक माने जाते हैं।
- अमरनाथ यात्रा श्रावण माह में शुरू होती है, जब बर्फ का लिंगम पूर्ण आकार में होता है।
- इस तीर्थयात्रा की उत्पत्ति का उल्लेख संस्कृत ग्रंथ “बृंगेश संहिता” में मिलता है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने सोथबीज़ हांगकांग द्वारा भारत के पिपरहवा के पुरावशेषों की नीलामी को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
पिपरहवा पुरावशेषों के बारे में
- इतिहास: इन पुरावशेषों को पिपरहवा स्तूप से 1898 में विलियम क्लैक्सटन पेप्पे द्वारा उत्खनन करके प्राप्त किया गया था।
- कुछ विद्वानों का मानना है कि आधुनिक पिपरहवा प्राचीन कपिलवस्तु शहर का स्थल था।
- प्राप्त पुरावशेषों में शामिल हैं: अस्थियां, क्रिस्टल और सॉपस्टोन से बने कलश, बलुआ पत्थर का पात्र, तथा सोने के आभूषण एवं रत्न जैसी उपहार सामग्री।
- ब्राह्मी लिपि में प्राप्त एक अभिलेख इन पुरावशेषों को भगवान बुद्ध से जोड़ता है। इन पुरावशेषों को शाक्य वंश ने सुरक्षित रखा था।
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1 sourceकेंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने परमेश्वरन अय्यर को IMF के कार्यकारी बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि के रूप में नया कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया।
IMF कार्यकारी बोर्ड (Executive Board) के बारे में
- कार्यकारी बोर्ड IMF के दैनिक कार्यों के संचालन के लिए जिम्मेदार होता है।
- इसमें 25 निदेशक होते हैं। इन्हें सदस्य देशों या देशों के समूहों द्वारा चुना जाता है।
- IMF का प्रबंध निदेशक (Managing Director) इस बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है।
- यह बोर्ड IMF के सभी सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व करता है।
- यह बोर्ड उन सदस्य देशों को IMF से वित्तीय सहायता प्रदान करने को मंजूरी देता है, जो अस्थायी भुगतान संतुलन की समस्याओं का सामना कर रहे होते हैं।
केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय का लक्ष्य कम-से-कम 10 भारतीय शहरों को विश्व के शीर्ष MICE डेस्टिनेशंस में शामिल करना है।
- MICE से आशय है- मीटिंग्स, इन्सेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेज एंड एग्ज़िबिशन्स।
भारत: MICE उद्योग में एक उभरता हुआ डेस्टिनेशन
- भारत वैश्विक MICE क्षेत्रक में एक शक्ति के रूप में उभर रहा है। इसने 2024 में भारत के लिए 49.4 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व सृजित किया था और इसके 2030 तक 103.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है।
- इस तरह इस क्षेत्रक द्वारा 13% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) हासिल करने का अनुमान है।
- संवृद्धि के महत्वपूर्ण कारक: तीव्र आर्थिक संवृद्धि, विश्वस्तरीय अवसंरचनाओं (सड़कें, रेलवे आदि) और सरकार के समर्थन ने संयुक्त रूप से देश में भारत मंडपम, यशोभूमि, जिओ वर्ल्ड सेंटर जैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर्स के विकास में मदद की है।
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1 sourceतमिलनाडु और केरल में नीलगिरि तहर पर एक साथ आबादी सर्वेक्षण किया गया है। इस सर्वेक्षण के अनुसार, कोयंबटूर वन प्रभाग में पारंपरिक नीलगिरी तहर पर्यावासों में इनकी आबादी फिर से बढ़ने के संकेत मिले हैं।
नीलगिरि तहर के बारे में
- यह पश्चिमी घाट का स्थानिक जीव है। यह भारत में अन्य समान खुर वाली 12 प्रजातियों में से दक्षिण भारत में पाए जाने वाली एकमात्र पर्वतीय खुर वाली प्रजाति है।
- पर्यावास: खुले पर्वतीय घास के मैदान।
- ये उत्तर में नीलगिरी से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी की पहाड़ियों तक पाए जाते हैं।
- खतरे: पर्यावास हानि, पालतू जानवरों से प्रतिस्पर्धा, जलविद्युत परियोजनाएं, मोनोकल्चर बागान और कभी-कभी शिकार।
- नीलगिरि तहर परियोजना: यह तमिलनाडु राज्य की एक प्रमुख परियोजना है, जिसका उद्देश्य राजकीय पशु नीलगिरी तहर की रक्षा करना है।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN लाल सूची: एंडेंजर्ड।
- भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I में सूचीबद्ध।
चिली के अटाकामा मरुस्थल में ला सिला वेधशाला के ऊपर एयरग्लो की तस्वीर ली गई।
एयरग्लो (वायुदीप्ति) के बारे में
- एयरग्लो तब होता है, जब सूर्य की पराबैंगनी किरणों से उत्तेजित हुए वायुमंडल के ऊपरी हिस्से के परमाणु और अणु, अपनी अतिरिक्त ऊर्जा को निकालने के लिए प्रकाश उत्सर्जित करते हैं।
- एयरग्लो रात्रि के आकाश में सदैव मौजूद रहता है, लेकिन आमतौर पर यह इतना हल्का होता है कि इसे आँखों से प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकता। इसे केवल अत्याधुनिक कैमरों से अंधेरी जगहों पर ही देखा जा सकता है।
- यह घटना ऑरोरा जैसी ही है, लेकिन अंतर यह है कि ऑरोरा सौर पवनों से आने वाले तेज गति वाले कणों से बनते हैं, जबकि एयरग्लो केवल सामान्य सौर विकिरण से बनता है।
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1 sourceफैरो आइलैंड्स स्पेस प्रोग्राम की एक पहल के तहत लूना 12 के माध्यम से बिजली पैदा करने के लिए चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल का उपयोग किया जा रहा है।
लूना 12 के बारे में
- लूना 12 एक टाइडल काइट है। यह फैरो आइलैंड्स के तट के पास जल की सतह के नीचे प्रवाहित होने वाली धाराओं को कैप्चर करके उन्हें नवीकरणीय ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
- टाइडल काइट एक प्रकार की जल के नीचे की टरबाइन है, जो चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल से उत्पन्न समुद्री धाराओं और ज्वार-भाटे की ऊर्जा का उपयोग करके बिजली पैदा करती है।
- यह स्वीडिश कंपनी मिनेस्टो के ड्रैगन क्लास ऑफ़ टाइडल काइट्स का हिस्सा है।
- महत्त्व: ज्वारीय ऊर्जा, सौर या पवन ऊर्जा के मुकाबले अधिक स्थिर एवं पूर्वानुमेय नवीकरणीय ऊर्जा प्रदान करती है।
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने अपने MAHA-EV मिशन के तहत सहायता के लिए सात ई-नोड्स का चयन किया है।
- चयनित प्रत्येक ई-मोबिलिटी नोड (e-Node) को परियोजना संयुक्त समूह (consortia) मॉडल में संचालित करनी होगी। इसमें शैक्षणिक संस्थान, अनुसंधान प्रयोगशालाओं और उद्योग जगत की भागीदारी अनिवार्य है।
MAHA-EV मिशन के बारे में
- यह ANRF का एक कार्यक्रम है।
- ANRF एक वैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना देश के संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने, वित्त-पोषित करने और समन्वय करने के उद्देश्य से की गई है।
- उद्देश्य: स्थिरता, नवाचार और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के साथ संरेखित अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों में भारत को अग्रणी बनाना।