आदित्य-L1 के पेलोड ने सोलर फ्लेयर 'कर्नेल' की पहली तस्वीर ली | Current Affairs | Vision IAS
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आदित्य-L1 के ‘सोलर अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (SUIT) पेलोड ने X6.3 श्रेणी की सोलर फ्लेयर का अवलोकन किया है। X6.3, सौर विस्फोटों की सबसे प्रबल श्रेणियों में से एक है।

आदित्य-L1 सोलर फ्लेयर का अध्ययन कैसे करता है?

  • सौर फ्लेयर के दौरान, सूर्य का वह विशेष क्षेत्र, जहां फ्लेयर उत्पन्न होती है, अल्ट्रावायोलेट (UV) और एक्सरे में अधिक प्रज्वलित हो जाता है। आदित्य-L1 में लगे SUIT, SoLEXS और HEL1OS जैसे उपकरण प्रज्वलन वाले इन क्षेत्रों का अध्ययन कर सकते हैं।
    • SUIT: इसके निम्नलिखित दो कार्य हैं-
      • सौर प्रकाश-मंडल (Solar Photosphere) और क्रोमोस्फीयर की नियर-अल्ट्रावायलेट (UV) तरंगदैर्ध्य में तस्वीरें लेना, तथा 
      • UV विकिरण में बदलाव को मापना।
    • SoLEXS और HEL1OS उपकरण: सूर्य से एक्सरे के उत्सर्जन का अध्ययन करना।

आदित्य-L1 मिशन के बारे में                        

  • मिशन लॉन्च: इसे सितंबर 2023 में लॉन्च किया गया था। यह सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन है। 
  • अंतरिक्षयान की अवस्थिति: इसे सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज पॉइंट-1 (L1) के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा (Halo orbit) में स्थापित किया गया है 
    • लैग्रेंज पॉइंट्स पर दो विशाल द्रव्यमान वाले पिंडों का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव और किसी छोटे पिंड को उनके साथ-साथ घूमने के लिए आवश्यक अभिकेंद्रीय बल (centripetal force), दोनों बराबर होते हैं। इस प्रकार यहां पर स्थापित अंतरिक्षयान अपने नियत बिंदु पर बने रहते हैं।  
  • उद्देश्य: इस मिशन के निम्नलिखित उद्देश्य हैं: 
    • सूर्य के ऊपरी वायुमंडल (क्रोमोस्फीयर और कोरोना) की गतिशीलता का अध्ययन करना, 
    • क्रोमोस्फीयर और कोरोनल हीटिंग का अध्ययन करना, 
    • कोरोनल मास इजेक्शन (CME) का विश्लेषण करना आदि।
  • आदित्य-L1 के पेलोड्स: इस मिशन के कुल सात पेलोड्स हैं, जो निम्नलिखित हैं-
    • रिमोट सेंसिंग पेलोड्स: विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC), सोलर अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (SUIT), सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (SoLEXS) तथा हाई एनर्जी L1 ऑर्बिटिंग एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (HEL1OS);
    • इन-सीटू पर्यवेक्षण पेलोड्स: आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (ASPEX), प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फॉर आदित्य (PAPA), एडवांस्ड ट्राई-एक्सियल हाई रेज़ोल्यूशन डिजिटल मैग्नेटोमीटर आदि। 

सोलर फ्लेयर क्या होते हैं?

  • ये सूर्य के वायुमंडल से प्रकाश/ विकिरण और उच्च ऊर्जा वाले आवेशित कणों के रूप में सौर ऊर्जा का अचानक एवं प्रबल विस्फोट होते हैं।
  • प्रकार: सोलर फ्लेयर को उनकी प्रबलता के आधार पर पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। ये श्रेणियां A, B, C, M, और X हैं। इनमें से प्रत्येक श्रेणी ऊर्जा उत्पादन में अपने पहले की श्रेणी से दस गुना वृद्धि दर्शाती है।  
  • पृथ्वी पर प्रभाव: 
    • ये रेडियो ब्लैकआउट का कारण बन सकते हैं; 
    • सैटेलाइट्स, संचार प्रणालियों, पृथ्वी पर स्थित प्रौद्योगिकियों और विद्युत ग्रिड को नुकसान पहुंचा सकते हैं; 
    • अंतरिक्ष यात्रियों के समक्ष भी खतरा पैदा कर सकते हैं। 
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