यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (MoSPI) द्वारा राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) के 80वें दौर के भाग के रूप में आयोजित किया गया था।
- इसमें मुख्य रूप से स्कूली शिक्षा में नामांकित छात्र के परिवारों द्वारा किए जाने वाले व्यय से संबंधित जानकारी एकत्र की गई है।
CMS:E के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- सरकारी स्कूल: कुल छात्र नामांकन में इनकी हिस्सेदारी लगभग 55.9% है। इस प्रकार ये शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- कुल छात्र नामांकन में इनकी हिस्सेदारी शहरी क्षेत्रों (30.1%) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों (66%) में अधिक है।
- व्यय: ग्रामीण क्षेत्र में स्कूली शिक्षा पर प्रति छात्र औसत व्यय ₹8,382 और शहरी क्षेत्र में ₹23,470 रहा। इसमें सभी स्तर और सभी प्रकार के स्कूल शामिल हैं।
- निजी कोचिंग: वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के दौरान लगभग एक तिहाई छात्र (27%) निजी कोचिंग ले रहे थे या ले चुके थे।
- यह प्रवृत्ति ग्रामीण क्षेत्रों (25.5%) की तुलना में शहरी क्षेत्रों (30.7%) में अधिक सामान्य है।
- शिक्षा के लिए वित्त-पोषण: लगभग 95% छात्रों की पढ़ाई का खर्च परिवार के अन्य सदस्य उठाते हैं।
- केवल 1.2% छात्रों की पढ़ाई हेतु व्यय का प्रमुख स्रोत सरकारी छात्रवृत्ति थी।
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) के बारे में
- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत NSS अखिल भारतीय स्तर पर विविध क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर नमूना सर्वेक्षण आयोजित करता है।
- प्रमुख सर्वेक्षणों में उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASI), आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) आदि शामिल हैं।