यह वार्षिक रिपोर्ट भारत में सड़क सुरक्षा की मौजूदा स्थिति को प्रस्तुत करती है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- कुल दुर्घटनाएं और मौतें: 2023 में, 4,80,583 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। यह 2022 की तुलना में 4.2% की वृद्धि है।
- 2023 के दौरान, कुल दुर्घटना पीड़ितों में 18-45 वर्ष की आयु के युवाओं का प्रतिशत 66.4% था।
- सर्वाधिक हिस्सेदारी: 2023 में तमिलनाडु में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश का स्थान रहा।
- सड़क दुर्घटना के कारण सर्वाधिक मौतें उत्तर प्रदेश में तथा इसके बाद तमिलनाडु में हुई।
- दुर्घटना-प्रवण राजमार्ग: ऐसे राजमार्ग, जो कुल सड़क नेटवर्क का लगभग 5% हिस्सा हैं, उन पर कुल दुर्घटनाओं का 53% से अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा, कुल मौतों में से 59% इन्ही राजमार्गों पर हुई।
- सड़क उपयोगकर्ता श्रेणियां: दोपहिया वाहन चालकों की दुर्घटना में हुई मौतों में सबसे अधिक हिस्सेदारी (45%) थी, जिसके बाद पैदल चलने वाले लोग थे।
सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण:
- मानवीय गलतियां: इनमें यातायात नियमों का उल्लंघन; वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना गाड़ी चलाना और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना शामिल है।
- सड़क का परिवेश: इसमें किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र (जैसे आवासीय क्षेत्र) में होने वाली दुर्घटनाएं तथा सड़क की दशा, मौसम की स्थिति आदि से संबंधित दुर्घटनाएं शामिल हैं।
- वाहनों की स्थिति: उदाहरण के लिए- वाहन की उपयोग अवधि और ओवरलोडिंग।
दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किए गए उपाय
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