राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

भारत की राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वी. रामसुब्रमण्यम को NHRC का अध्यक्ष नियुक्त किया।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के बारे में 

  • मुख्यालय: नई दिल्ली में स्थित है। 
  • स्थापना: इसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत हुई है। इस कानून में मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 और मानवाधिकार संरक्षण  (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधन किए गए हैं। 
  • यह एक वैधानिक संस्था है। 
  • संरचना: 
    • अध्यक्ष: भारत का पूर्व मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट का पूर्व न्यायाधीश; 
    • 5 पूर्णकालिक सदस्य और 7 मानद (डीम्ड) सदस्य।
  • अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल: 3 वर्ष, या सत्तर वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो)। वे पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होते हैं।
  • कार्य: 
    • मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों का स्वतः संज्ञान लेकर या पीड़ित की याचिका पर जांच करना; 
    • मानवाधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से कानून और प्रक्रिया की समीक्षा करना; आदि।

केंद्र सरकार ने त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों में रह-रहे ब्रू समुदाय के पुनर्वास के लिए 900 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 

ब्रू जनजाति के बारे में: 

  • इन्हें रियांग भी कहा जाता है। 
  • यह पूर्वोत्तर भारत की देशज जनजाति है। यह मुख्य रूप से त्रिपुरा, मिजोरम और असम में निवास करती है। 
  • इसे त्रिपुरा के ‘विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs)’ में सूचीबद्ध किया गया है। 
  • बस्ती: इनकी बस्तियां पहाड़ी क्षेत्रों और संकरी घाटियों में बसी होती हैं। यह बांस से बने घरों में रहते हैं। 
  • मुख्य पेशा: यह जनजाति झूम खेती करती है। 
  • पंथ/ धर्म: यह हिंदू धर्म और एनीमिज्म (सर्वात्मवाद) की मिश्रित परंपराओं का पालन करती है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने गुजरात के नवसारी में क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रो-टेक्सटाइल प्रदर्शनी केंद्र का उद्घाटन किया।

  • यह पहल राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (NTTM) के तहत तकनीकी वस्त्रों (टेक्निकल टेक्सटाइल्स) को बढ़ावा देने के उद्देश्य के अनुरूप है।

एग्रो-टेक्सटाइल्स के बारे में

  • एग्रो-टेक्सटाइल से आशय कृषि क्षेत्रक में तकनीकी वस्त्र सामग्रियों के इस्तेमाल से है।
    • तकनीकी वस्त्र मुख्य रूप से तकनीकी और प्रदर्शन गुणवत्ता या क्षमता वाली सामग्री होती है, वहीं पारंपरिक वस्त्र परिधान या सजावटी उद्देश्यों से बनाए जाते हैं।
  • एग्रो-टेक्सटाइल्स के प्रकार: इनमें कृषि और बागवानी उपयोगों के लिए बुने हुए (woven), बिना-बुने हुए और निटेड (Knitted) वस्त्र शामिल हैं।
  • उपयोग: कृषि उत्पादों के संरक्षण, संग्रहण और भंडारण में।

तेलंगाना में हालिया घटनाओं ने पैंगोलिन की अवैध तस्करी की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

पैंगोलिन के बारे में

  • पैंगोलिन पूरी तरह से शल्क से कवर स्तनधारी है। यह जीव जंगल में शिकारियों से खुद की रक्षा करने के लिए अपने आपको शल्कों से ढक लेता है।
  • यह चींटियां, दीमक और लार्वा खाता है। इसे अक्सर शल्क वाला चींटीखोर भी कहा जाता है।
  • विशेषताएं: यह एकान्तवासी और मुख्य रूप से रात्रिचर जीव है। इसके दांत नहीं होते हैं। इसकी लंबी व चिपचिपी जीभ इसके शरीर से भी लंबी होती है।

भारतीय पैंगोलिन (मैनिस क्रैसिकाउडाटा)

  • यह पैंगोलिन की दुनिया भर में मौजूद 8 प्रजातियों में से एक है।
  • यह पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर, हिमालय के दक्षिण में स्थित (शेष संपूर्ण भारत) सभी भागों में पाया जाता है।
    • चीनी पैंगोलिन की उपस्थिति असम और पूर्वी हिमालय में भी देखी गई है।
  • संरक्षण की स्थिति: 
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में सूचीबद्ध है; 
    • साइट्स/ CITES के परिशिष्ट-1 में सूचीबद्ध है; 
    • IUCN: एंडेंजर्ड श्रेणी।

बिम्सटेक के वरिष्ठ अधिकारियों की 24वीं बैठक थाईलैंड में आयोजित की गई।

बिम्सटेक के बारे में 

  • स्थापना: यह एक क्षेत्रीय संगठन है। इसकी स्थापना 1997 में बैंकॉक घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी।
  • उद्देश्य: बंगाल की खाड़ी के तटवर्ती देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना।
  • सचिवालय: ढाका (बांग्लादेश) में स्थित है।
  • बिम्सटेक के सात सदस्य: बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड।
  • बिम्सटेक का पहला शिखर सम्मेलन 2004 में बैंकॉक (थाईलैंड) में आयोजित हुआ था।

भारत और ADB ने संधारणीय अवसंरचना परियोजनाओं की सहायता के लिए 500 मिलियन डॉलर के ऋण पर हस्ताक्षर किए हैं। 

एशियाई विकास बैंक (ADB) के बारे में 

  • मुख्यालय: मनीला (फिलीपींस) में स्थित है। 
  • उत्पत्ति: यह 1966 में स्थापित एक बहुपक्षीय विकास वित्त संस्थान है।
  • उद्देश्य: चरम गरीबी उन्मूलन के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए एक समृद्ध, समावेशी, लोचशील और संधारणीय एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र का निर्माण करना।
  • कार्य: यह सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ऋण, तकनीकी सहायता, अनुदान एवं इक्विटी निवेश प्रदान करके अपने सदस्यों व भागीदारों की सहायता करता है।
  • सदस्य: 69 सदस्य (एशिया और प्रशांत क्षेत्र से 49 और बाहर से 20)।
    • भारत इसका संस्थापक सदस्य है।
  • बोर्ड ऑफ गवर्नर्स: यह ADB का सर्वोच्च नीति-निर्धारक निकाय है, जिसमें प्रत्येक सदस्य देश का एक प्रतिनिधि शामिल होता है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश भर में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर AIMC प्रणाली का तेजी से उपयोग कर रहा है।

AIMC सिस्टम के बारे में

  • यह सड़क-निर्माण प्रक्रिया के हर चरण में काम के साथ-साथ किए गए सर्वेक्षण के माध्यम से प्रत्येक परियोजना की स्थिति पर रियल टाइम डेटा प्रदान करेगा।
  • लाभ: 
    • कुशल और समय की बर्बादी कम करता है; 
    • बेहतर प्रदर्शन, स्थायित्व और दीर्घकालिकता सुनिश्चित करता है; 
    • बेहतर पारदर्शिता और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप आदि।
  • AIMC सिस्टम के अंतर्गत, 
    • GPS-सहायता प्राप्त मोटर ग्रेडर (3D मशीन नियंत्रण प्रौद्योगिकी): इसका इस्तेमाल सड़क निर्माण में मिट्टी हटाने या फ़ैलाने, सब-बेस और बेस लेयर्स आदि के संबंध में किया जाता है। 
      • यह ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम से डेटा प्रोसेस करता है।

गूगल डीपमाइंड ने उन्नत मौसम पूर्वानुमान के लिए जेनकास्ट एआई मॉडल का अनावरण किया।

जेनकास्ट एआई के बारे में

  • यह एक मौसम पूर्वानुमान मॉडल है। यह मौजूदा उपकरणों की तुलना में बेहतर सटीकता और विस्तारित पूर्वानुमान रेंज प्रदान करता है।
  • यह पारंपरिक संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान (NWP) के समान, समुच्चय पूर्वानुमान (Ensemble forecasting) का उपयोग करता है, लेकिन सिमुलेशन की बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित होता है।
  • समुच्चय पूर्वानुमान के तहत संभावित मौसम परिणामों की एक श्रृंखला का पूर्वानुमान लगाने के लिए विविध प्रारंभिक स्थितियों के साथ NWP मॉडल का उपयोग किया जाता है।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet