हाल ही में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत संचालित सभी "केंद्र प्रायोजित योजनाओं" को दो-मुख्य योजनाओं के तहत लाने को मंजूरी दी। ये दो मुख्य योजनाएं हैं:
प्रधान मंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY): संधारणीय कृषि को बढ़ावा देने हेतु, और
कृषोन्नति योजना (KY): खाद्य सुरक्षा और कृषि क्षेत्रक में आत्मनिर्भरता हासिल करने हेतु।
PM-RKVY के उद्देश्य
PM-RKVY की मुख्य विशेषताएं
कृषि और संबद्ध क्षेत्रकों में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करना।
स्थानीय लोगों/ किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार योजना बनाने और उसके क्रियान्वयन के लिए राज्यों को स्वायत्तता और लचीलापन प्रदान करना।
फसल पूर्व एवं फसल कटाई पश्चात कृषि अवसंरचना के विकास के माध्यम से किसानों के प्रयासों को मजबूत करना, जिससे गुणवत्तापूर्ण इनपुट, भंडारण, बाजार सुविधाओं आदि तक उनकी पहुंच में वृद्धि होगी तथा किसान जानकारी के आधार पर निर्णय लेने में सक्षम हो सकेंगे।
मूल्य श्रृंखला संवर्धन से जुड़े उत्पादन मॉडल को बढ़ावा देना ताकि किसानों की आय में वृद्धि की जा सके और साथ ही उत्पादन/ उत्पादकता को बढ़ाई जा सके।
कौशल विकास, नवाचार और कृषि उद्यमिता आधारित कृषि व्यवसाय मॉडल के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना। इससे युवा कृषि की ओर आकर्षित होंगे।
नोडल मंत्रालय: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
वित्त-पोषण: पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के मामले में केंद्र-राज्य अनुपात 90:10 प्रतिशत; अन्य राज्यों के लिए 60:40 प्रतिशत; केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता।
पृष्ठभूमि: RKVY की शुरुआत 2007-08 में एक फ्लैगशिप कार्यक्रम के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य राज्यों को समग्र कृषि विकास के लिए स्थानीय जलवायु, संसाधनों और प्रौद्योगिकी पर विचार करते हुए व्यापक कृषि योजनाएं बनाने के लिए प्रेरित करना था।
2017-18 में, इसे RKVY-RAFTAAR (कृषि और संबद्ध क्षेत्रक के कायाकल्प के लिए लाभकारी दृष्टिकोण/ Remunerative Approaches for Agriculture and Allied Sector Rejuvenation) में बदल दिया गया। नई अप्रोच के तहत कृषि उद्यमिता, नवाचार और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देते हुए फसल पूर्व और फसल कटाई बाद के अवसंरचना विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया।
व्यय वित्त समिति की सिफारिश के अनुसार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं में बदलाव करके RKVY को 2022-23 से RKVY कैफेटेरिया योजना के रूप में पुनर्गठित किया गया।
राज्य स्तरीय अनुशंसा समिति की बैठक (State Level Sanctioning Committee Meeting: SLSC): संबंधित राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में, SLSC में अनुमोदित परियोजनाओं के आधार पर राज्य सरकारों/ संघ राज्य क्षेत्रों को धनराशि जारी की जाती है।
योजना का फोकस: राज्य सरकारें लघु और सीमांत किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं और समाज के अन्य कमजोर वर्गों का पर्याप्त कवरेज सुनिश्चित करेंगी।
PM-RKVY में निम्नलिखित योजनाओं को शामिल किया गया है: