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भारतजेन प्रोग्राम (BHARATGEN Programme)

30 Nov 2024
32 min

सुर्ख़ियों में क्यों?

हाल ही में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक अग्रणी पहल भारतजेन का शुभारंभ किया।

भारतजेन प्रोग्राम के बारे में

  • भारतजेन एक मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) प्रोजेक्ट है, जो जनरेटिव AI सिस्टम का विकास करने पर केंद्रित है। जनरेटिव AI सिस्टम अलग-अलग भारतीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता वाले टेक्स्ट और मल्टीमॉडल कंटेंट (ऑडियो और इमेज) जनरेट कर सकता है।
  • लक्ष्य और उद्देश्य:
    • AI के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण में क्रांतिकारी बदलाव लाना और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देना।
    • भारत को जेनेरिक AI के क्षेत्र में अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना।
    • भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता के अनुरूप कार्य करना।
    • AI प्रौद्योगिकी के उपयोग के दायरे को आगे बढ़ाना तथा भारत के संदर्भ एवं उपयोग के मामलों में AI की प्रासंगिकता सुनिश्चित करना।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: इस प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन IIT बॉम्बे के TIH फाउंडेशन फॉर IoT एंड IoE (TIH-IoT) द्वारा अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के अकादमिक भागीदारों के साथ किया जाएगा। IIT बॉम्बे द्वारा नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (NM-ICPS) के अंतर्गत TIH-IoT को कंपनी अधिनियम की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में स्थापित किया गया है।
  • समय-सीमा: इस प्रोजेक्ट के दो साल (जुलाई 2026) में पूरा होने की उम्मीद है।
  • भारत डेटा सागर: यह भारतजेन का एक मुख्य भाग है। इसका उद्देश्य भारत-केंद्रित डेटा का एक विशाल भंडार स्थापित करना है। इससे एक ऐसा AI मॉडल विकसित किया जा सकेगा, जिसमें हमारे देश की अनूठी विशेषताएं और विविधता गहराई से समाहित हों।

नेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (NM-ICPS)

  • NM-ICPS के बारे में: यह 2018 में पांच वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत एक व्यापक मिशन है।
  • उद्देश्य:
    • सभी हितधारकों- शिक्षा जगत, उद्योग जगत, सरकार और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ पूर्ण सहयोग करना।
    • अनुसंधान एवं विकास, ट्रांसलेशनल रिसर्च एवं नवीन उत्पादों के विकास आदि के लिए प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म्स  का विकास करना।
    • साइबर-फिजिकल सिस्टम (CPS) और संबंधित प्रौद्योगिकियों में ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ावा देना।
    • कई शैक्षणिक संस्थानों में विश्व स्तरीय इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST)
  • NM-ICPS के तहत, देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH) स्थापित किए गए हैं। इनमें से प्रत्येक हब को AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा जैसी एडवांस प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में एक टेक्नोलॉजी वर्टिकल सौंपा गया है।

जनरेटिव AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs) के बारे में

  • जनरेटिव AI: जनरेटिव AI एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है जो उपयोगकर्ता के निर्देश या अनुरोध या कमांड के आधार पर मूल कंटेंट क्रिएट कर सकता है, जैसे कि टेक्स्ट, इमेज, वीडियो, ऑडियो या सॉफ़्टवेयर कोड, आदि।
    • जनरेटिव AI टूल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) जैसे AI मॉडल पर आधारित होते हैं। ये AI मॉडल ChatGPT जैसे टेक्स्ट-आधारित जनरेटिव AI टूल का आधार होते हैं।
    • जनरेटिव AI डीप लर्निंग मॉडल पर निर्भर करता है, यानी यह एल्गोरिदम मानव मस्तिष्क की तरह सीखने और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं की नकल करता है और लगातार खुद को बेहतर बनाता है।
  • लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM): LLM मुख्यतः फाउंडेशन मॉडल की एक श्रेणी है। ये लार्ज AI मॉडल होते हैं, जो नेचुरल लैंग्वेज और अन्य प्रकार के कंटेंट को समझ सकते हैं और उत्पन्न कर सकते हैं। इनका उपयोग कई तरह के कार्यों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।
    • LLMs विशाल मात्रा में डेटा से पैटर्न सीखकर कार्य करने तथा ह्यूमन लैंग्वेज को पहचानने और व्याख्या करने में सक्षम होते हैं।
    • LLMs आमतौर पर ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर नामक एक प्रकार के न्यूरल नेटवर्क पर आधारित होते हैं। इनमें कई स्तर के न्यूरल नेटवर्क और सेल्फ-अटेंशन मैकेनिज्म शामिल होते हैं, जो इन्हें पैटर्न सीखने में मदद करते हैं।

पारंपरिक AI और जेनरेटिव AI के बीच तुलना

विशेषताएं

पारंपरिक AI

जेनरेटिव AI

मुख्य फोकस

डेटा का विश्लेषण व निर्धारित कार्य निष्पादित करना और ऑटोमेटेड डिसीजन मेकिंग

नया डेटा (जैसे- टेक्स्ट, इमेज, म्यूजिक) क्रिएट करना

सीखने का दृष्टिकोण

स्पष्ट नियम और एल्गोरिदम

डेटा-संचालित लर्निंग (न्यूरल नेटवर्क)

आउटपुट

सुनियोजित आउटपुट जैसे कि प्रिडिक्शन, समाधान या वर्गीकरण

पूरी तरह से नया कंटेंट या क्रिएटिव आउटपुट

अनुकूलन क्षमता (Adaptability)

मैनुअल हस्तक्षेप और रिप्रोग्रामिंग की आवश्यकता होती है

समय के साथ अपने प्रदर्शन में ऑटोमेटिक समायोजन और सुधार

उदाहरण 

मास्टर शेफ द्वारा किसी रेसिपी को बनाने के नियमों का पालन करना 

इनोवेटिव शेफ द्वारा एक नई रेसिपी या व्यंजन को बनाना 

उपयोग

सटीकता, दक्षता, तर्कशीलता

रचनात्मकता, कंटेंट क्रिएशन 

 

भारतजेन प्रोग्राम का महत्त्व

  • सरकार द्वारा समर्थन: यह सरकार द्वारा वित्त-पोषित दुनिया का पहला मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) प्रोजेक्ट है। यह पहल भारतीय भाषाओं में कुशल और समावेशी AI के विकास पर केंद्रित है।
  • AI पब्लिक गुड्स के रूप में: भारतजेन भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक और भाषाई विविधता को प्राथमिकता देते हुए जनरेटिव AI मॉडल और उनके उपयोगों को पब्लिक गुड्स के रूप में उपलब्ध कराएगा।
  • समावेशी AI: यह भारत की सामाजिक समानता, सांस्कृतिक संरक्षण और भाषाई विविधता जैसी व्यापक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करेगा कि जेनेरिक AI का लाभ समाज के सभी हिस्सों तक पहुंचे।
  • आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप: भारतजेन आधारभूत AI मॉडल बनाकर विदेशी प्रौद्योगिकियों पर देश की निर्भरता को कम करेगा और घरेलू AI इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगा।

भारत में AI के विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई अन्य पहलें

  • इंडिया AI मिशन: यह AI नवाचार इकोसिस्टम को सबके लिए सुलभ और तेजी से विकसित करने वाला राष्ट्रीय स्तर का एक व्यापक कार्यक्रम है।
  • राष्ट्रीय AI पोर्टल (INDIAai): यह MeitY, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) और NASSCOM का एक संयुक्त उद्यम है।
  • AI रिसर्च एनालिटिक्स एंड नॉलेज डिसेमिनेशन प्लेटफॉर्म (ऐरावत/ AIRAWAT): यह AI के क्षेत्र में शोध और ज्ञान को साझा करने के लिए एक कॉमन कंप्यूट प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
  • ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: यह AI के जवाबदेह विकास और उपयोग का मार्गदर्शन करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय पहल है।
    • भारत इसका एक संस्थापक सदस्य है।
  • राष्ट्रीय AI कौशल कार्यक्रम: इसका उद्देश्य उद्योग जगत के अग्रणी हितधारकों के साथ सुनियोजित प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से AI कौशल को बढ़ावा देना है।
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