सिंधु घाटी सभ्यता का पतन (Collapse of the Indus Valley Civilization: IVC) | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

संक्षिप्त समाचार

28 Jan 2026
1 min

हाल ही में, “कम्युनिकेशन्स अर्थ एंड एनवायरनमेंट” पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार हड़प्पा सभ्यता यानी सिंधु घाटी सभ्यता का पतन किसी एक बड़ी विनाशकारी घटना के कारण नहीं हुआ था।

अध्ययन के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • सूखे का प्रभाव: सामान्य धारणा यह थी कि सिंधु घाटी सभ्यता का पतन किसी एक विनाशकारी घटना के कारण हुआ है। नए अध्ययन के अनुसार यह कई सदियों तक जारी सूखे की कई दीर्घकालिक घटनाओं का परिणाम था।
    • 2425 से 1400 ईसा पूर्व के बीच लगभग प्रत्येक 85 वर्षों तक रहने वाले चार भीषण सूखे पड़े थे, जिनका प्रभाव लगभग पूरे क्षेत्र पर पड़ा था। 
  • संसाधनों में कमी होना: जल-चक्रों (hydrological) में परिवर्तन के कारण नदियों, झीलों और मृदा में जल की कमी हो गई थी। इन परिघटनाओं ने हड़प्पावासियों को जीवन की अनुकूल दशाओं की खोज में बार-बार स्थान बदलने के लिए विवश कर दिया।
  • व्यापार में गिरावट दर्ज होना: नदियों का जलस्तर कम होने से नदी मार्ग से होने वाला व्यापार बाधित हुआ और कृषि कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो गया। इन कारणों से आबादी को पलायन करना पड़ा। 
  • अन्य कारक: खाद्य आपूर्ति में कमी, शासकीय संरचना कमजोर होना जैसे कारकों ने भी सिंधु घाटी सभ्यता के पतन की प्रक्रिया को तेज किया। 

सिंधु घाटी सभ्यता के पतन से संबंधित अन्य प्रमुख सिद्धांत

सिद्धांत

साक्ष्य

विनाशकारी बाढ़ के कारण पतन (रेईक्स सिद्धांत)

मोहनजोदड़ो के मकानों में गादयुक्त मिट्टी की कई परतों और इनके बार-बार पुनर्निर्माण के साक्ष्य मिले हैं।

भूकंप के कारण पतन

इस सिद्धांत के अनुसार भूकंप ने बाढ़कृत मैदानों के स्तर को ऊपर उठा दिया, जिससे नदी जल का समुद्र की ओर प्रवाह-मार्ग अवरुद्ध हुआ और नगरों में पानी भरने लगा।

नदियों के मार्ग में परिवर्तन

  • सिंधु नदी मोहनजोदड़ो नगर से लगभग 30 मील दूर खिसक गई।
  • राजस्थान में घग्गर-हकरा नदी का सूख जाना (डी.पी. अग्रवाल)।

बर्बर आक्रमण

ऋग्वेद में हरियूपिया' नामक स्थल (सभवतः हड़प्पा) का उल्लेख मिलता है, जहां आर्यों ने युद्ध लड़ा था।

पारिस्थितिक असंतुलन (क्रमिक पतन) का सिद्धांत

  • इतिहासकार फेयर सर्विस ने कहा कि अर्ध-शुष्क क्षेत्रों का का नाजुक पर्यावरणीय संतुलन जनसंख्या बढ़ने और संसाधनों के तेजी से घटने से बिगड़ गया था।
  • डी.पी. अग्रवाल ने जलवायु परिवर्तन को पतन का कारण बताया है।

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

डी.पी. अग्रवाल

एक भारतीय पुरातत्वविद् जिन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के लिए जलवायु परिवर्तन को एक प्रमुख कारण बताया है। उन्होंने राजस्थान में घग्गर-हकरा नदी के सूखने जैसे साक्ष्यों पर जोर दिया।

पारिस्थितिक असंतुलन

यह किसी पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न घटकों (जैसे प्रजातियाँ, जलवायु, भूमि) के बीच सामंजस्य का बिगड़ना है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र की कार्यप्रणाली में बाधा आती है और गिरावट आती है।

हरियूपिया

ऋग्वेद में उल्लिखित एक स्थल, जिसे संभावित रूप से हड़प्पा माना जाता है, जहां आर्यों और स्थानीय आबादी के बीच युद्ध हुआ था।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet