भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UN Convention against Corruption) | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

संक्षिप्त समाचार

28 Jan 2026
2 min

भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCAC) के पक्षकार देशों का 11वां सम्मेलन (COSP-11) 'दोहा घोषणा-पत्र 2025' को अपनाने के साथ संपन्न हुआ।

  • यह घोषणा-पत्र राष्ट्रों  से आह्वान करता है कि वे सीमा-पार भ्रष्टाचार आदि में अंतर्राष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग को मजबूत करने के लिए AI सहित डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाएं।
  • मादक पदार्थों और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC) इस अभिसमय के सचिवालय के रूप में कार्य करता है।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCAC) के बारे में

  • यह एकमात्र कानूनी रूप से बाध्यकारी वैश्विक भ्रष्टाचार विरोधी साधन है।
  • इसे 2003 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अपनाया गया था और 2005 में लागू किया गया था।
  • उद्देश्य: भ्रष्टाचार को रोकना और उससे निपटना; सत्यनिष्ठा एवं जवाबदेही को बढ़ावा देना; अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुगम बनाना तथा भ्रष्टाचार के माध्यम से प्राप्त संपत्तियों को वापस प्राप्त करना।
  • हस्ताक्षरकर्ता और पक्षकार: सितंबर 2025 तक 140 हस्ताक्षरकर्ता तथा 192 पक्षकार हैं।
    • भारत इस अभिसमय का एक पक्षकार है।

इस विधेयक का उद्देश्य सांसदों को विधेयकों और प्रस्तावों पर मतदान के दौरान अपने राजनीतिक दल से स्वतंत्र रुख अपनाने की अनुमति देना है। 

  • इससे कानून-निर्माण की बेहतर प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा और सांसदों को 10वीं अनुसूची के तहत लागू “व्हिप-आधारित निरंकुशता” (Whip-driven tyranny) से मुक्ति मिलेगी। 

10वीं अनुसूची के तहत व्हिप लागू करने की आवश्यकता क्यों है?

  • गैर-सिद्धांतवादी या अनैतिक दलबदल को रोकना: वर्ष 1985 से पहले सांसदों या विधायकों द्वारा व्यक्तिगत लाभ के लिए बार-बार राजनीतिक दल बदलना सामान्य घटना हो गई थी। इसे ‘आया राम–गया राम’ राजनीति की संज्ञा दी गई।
    • निर्वाचित प्रतिनिधियों को धन, पद या अन्य प्रकार के लाभ की लालच देकर लुभाने की प्रक्रिया को “राजनीतिक दल-बदल (हॉर्स ट्रेडिंग)” कहते हैं।
  • राजनीतिक और सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करना: बार-बार होने वाले दल-बदल के कारण बिना नए निर्वाचन कराए कार्यकाल पूरा करने से पहले ही सरकारें गिर जाती थीं। इससे जनमत का अपमान होता था।
  • राजनीतिक दल में अनुशासन को बढ़ावा देना: बजट प्रस्ताव, विश्वास मत, महत्वपूर्ण विधेयकों पर परिचर्चा या मतदान के दौरान किसी राजनीतिक दल के सदस्यों को एकजुट होकर सहयोग करने की आवश्यकता होती है। 

व्हिप की आलोचना क्यों होती है?

  • प्रतिनिधित्व आधारित लोकतंत्र को कमजोर करना: निर्वाचित प्रतिनिधि सदन में किसी मुद्दे पर अपनी अंतरात्मा या अपने मतदाताओं की भावना के अनुसार मतदान नहीं कर पाते। 
  • विरोध के स्वर को दबाना: आलोचकों का तर्क है कि व्हिप सांसदों को राजनीतिक दल के नेतृत्वकर्ता का “रबर-स्टांप” बना देता है। साथ ही, यह विचार-विमर्श आधारित परिचर्चा को कमजोर करता है।
    • यह संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रदत्त “वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” के मूल अधिकार को भी कमजोर करता है।
  • सरकार की अस्थिरता रोकने में विफल:  2022 के महाराष्ट्र विधानसभा के मामले जैसे उदाहरणों से स्पष्ट है कि व्हिप के प्रावधान के बावजूद दलबदल, हॉर्स ट्रेडिंग और कार्यकाल पूरा होने से पहले सरकार का गिरना जारी है। 

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

सीमा-पार भ्रष्टाचार

यह भ्रष्टाचार का वह रूप है जो एक से अधिक देशों में फैला होता है, जैसे कि रिश्वतखोरी, धन की हेराफेरी या गबन जो राष्ट्रीय सीमाओं को पार करते हैं। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।

पक्षकार देश

किसी अभिसमय या संधि पर हस्ताक्षर करने और उसे अनुमोदित करने वाले राष्ट्र, जो उसके प्रावधानों से कानूनी रूप से बंधे होते हैं। UNCAC के 192 पक्षकार देश हैं।

मादक पदार्थों और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC)

यह संगठन भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCAC) के सचिवालय के रूप में कार्य करता है। UNODC वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थों, अपराध और भ्रष्टाचार से संबंधित मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र की एक प्रमुख एजेंसी है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet