अभ्यास | विवरण |
एक्स-सूर्यकिरण |
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अभ्यास एकुवेरिन |
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गरुड़ शक्ति अभ्यास | भारत-इंडोनेशिया के संयुक्त विशेष बल के बीच द्विपक्षीय अभ्यास है। |
हरिमऊ शक्ति अभ्यास | भारत और मलेशिया की सेनाओं ने राजस्थान में संयुक्त सैन्य अभ्यास है। |
अभ्यास एकता | इस अभ्यास की शुरुआत 2017 में हुई थी। यह भारतीय नौसेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (MNDF) के बीच आयोजित होने वाला एक वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। |
अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन II | भारत-संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास डेजर्ट साइक्लोन-II आयोजित हुआ है। |
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1 sourceजहाजों और पत्तन सुविधाओं की सुरक्षा के लिए पत्तन सुरक्षा ब्यूरो (Bureau of Port Security: BoPS) नामक एक समर्पित निकाय का गठन किया जाएगा।
पत्तन सुरक्षा ब्यूरो (BoPS) के बारे में:
- वैधानिक निकाय: इसका गठन 'मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 2025' की धारा 13 के प्रावधानों के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में किया जाएगा।
- इसे नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
- उद्देश्य: यह जहाजों और पत्तन सुविधाओं की सुरक्षा से संबंधित विनियामक एवं निरीक्षण कार्यों के लिए जिम्मेदार होगा।
- प्रमुख कार्य: यह सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के समय पर विश्लेषण, संग्रहण और आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा, जिसमें साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- मंत्रालय: यह पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में कार्य करेगा।
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1 sourceराष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना की स्वदेशी पनडुब्बी INS वाघशीर (INS Vaghsheer) में सवार होकर समुद्र की यात्रा की।
INS वाघशीर के बारे में
- यह P75 स्कॉर्पीन प्रोजेक्ट के तहत विकसित की गई छठी और अंतिम (कलवरी श्रेणी) पनडुब्बी है।
- कलवरी श्रेणी पनडुब्बियां पारंपरिक पनडुब्बियां हैं, जो डीजल-इलेक्ट्रिक प्रणोदन प्रणाली से संचालित हैं।
- इस श्रेणी की अन्य पांच पनडुब्बियां कलवरी, खंडेरी, करंज, वेला और वागीर हैं।
- इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई द्वारा फ्रांस के 'नेवल ग्रुप' के सहयोग से किया गया है।
- इसका नाम 'सैंड फिश' के नाम पर रखा गया है। यह हिंद महासागर की गहरे समुद्र में रहने वाली एक शिकारी मछली है।
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1 sourceरक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पिनाका लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट (LRGR) का पहला सफल उड़ान परीक्षण पूरा किया।
- इस रॉकेट का परीक्षण 120 किलोमीटर की इसकी अधिकतम सीमा (रेंज) के लिए किया गया था।
पिनाका हथियार प्रणाली के बारे में
- यह एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) प्रणाली है। इसका उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया जाता है:
- लंबी दूरी की आर्टिलरी बमबारी; तथा
- निकटता से युद्ध से पूर्व शत्रु की स्थिति को कमजोर करना।
- इसे आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (ARDE) ने उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) के सहयोग से डिजाइन किया है।
- इस परियोजना को रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) और रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) के सहयोग से विकसित किया गया है।
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1 sourceहाल ही में भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना द्वारा संचालित MH-60R हेलीकॉप्टरों के रखरखाव और निरंतर समर्थन के लिए अमेरिका के साथ 'लेटर्स ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस' (LoA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- इस समझौते के तहत, भारत में ही इन हेलीकॉप्टरों के रखरखाव और समर्थन के लिए सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, जिससे आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा मिलेगा।
MH-60R के बारे में
- यह अत्याधुनिक नौसैनिक हेलीकॉप्टर है, जिसका उपयोग अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी देश करते हैं।
- इसका निर्माण लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन द्वारा किया गया है। यह एक हर मौसम में काम करने वाला हेलीकॉप्टर है, जिसे अत्याधुनिक एवियोनिक्स और सेंसर के साथ कई मिशनों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- क्षमताएं – पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतह रोधी युद्ध, समुद्री निगरानी, बचाव अभियान आदि।
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1 sourceकुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत इजरायल से अतिरिक्त हेरॉन एमके-II ड्रोन खरीदने की योजना बना रहा है। साथ ही, इसके भारत में ही निर्माण के लिए वार्ता भी चल रही है।
हेरॉन एमके-II के बारे में
- निर्माता: इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI)।
- श्रेणी: मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (MALE) मानव रहित हवाई वाहन (UAV) है। इसका उपयोग खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और टोही कार्यों के लिए किया जाता है।
- उड़ान क्षमता: 35,000 फीट की ऊंचाई तक और 150 नॉट की गति से उड़ सकता है। साथ ही, लगातार 45 घंटे तक हवा में उड़ान भरे (Endurance) रह सकता है।
- क्षमताएं: उन्नत सेंसर, संचार आसूचना पैकेज और उपग्रह संचार सहायता से युक्त है। इन विशेषताओं के साथ यह लंबी दूरी के और लाइन ऑफ़ साइट से परे मिशनों को सक्षम बनाता है।
भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें भारतीय उपयोगकर्ताओं को व्हाट्सएप अकाउंट टेकओवर कैंपेन (Ghost Pairing) के बारे में चेतावनी दी गई है।
घोस्ट पेयरिंग के बारे में
- यह क्या है: यह एक नया साइबर स्कैम है। यह हैकर्स को पासवर्ड या सिम कार्ड की आवश्यकता के बिना व्हाट्सएप अकाउंट को टेकओवर करने में सक्षम बनाता है।
- यह कैसे कार्य करता है: यह हमला व्हाट्सएप के 'डिवाइस-लिंकिंग' फीचर का लाभ उठाता है। इसमें उपयोगकर्ताओं को धोखा देकर एक फर्जी लेकिन असली दिखने वाले 'पेयरिंग कोड' को अप्रूव करा लिया जाता है।
- उपयोगकर्ताओं को "हाय, चेक दिस फोटो" जैसे भ्रामक संदेश मिलते हैं, जो अकाउंट को टेकओवर करने की प्रक्रिया शुरू करते हैं।
- अकाउंट हाईजैकिंग: एक बार लिंक हो जाने के बाद, हमलावर का डिवाइस एक 'छिपे हुए भरोसेमंद डिवाइस' (hidden trusted device) के रूप में उपयोगकर्ताओं के अकाउंट का पूरा एक्सेस प्राप्त कर लेता है।