AI से संबद्ध नवाचार और कॉपीराइट के बीच संतुलन (BALANCING AI INNOVATION AND COPYRIGHT) | Current Affairs | Vision IAS

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AI से संबद्ध नवाचार और कॉपीराइट के बीच संतुलन (BALANCING AI INNOVATION AND COPYRIGHT)

28 Jan 2026
1 min

In Summary

  • सरकार के कार्यपत्र में एआई और कॉपीराइट के लिए एक ढांचा प्रस्तावित किया गया है, जिसमें एआई प्रशिक्षण डेटा पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
  • प्रमुख मुद्दों में एआई प्रशिक्षण के माध्यम से कॉपीराइट उल्लंघन और एआई द्वारा उत्पन्न कार्यों की कॉपीराइट योग्यता शामिल हैं।
  • प्रस्तावित हाइब्रिड मॉडल: 'एक राष्ट्र, एक लाइसेंस, एक भुगतान' जिसमें एक केंद्रीय संग्रह इकाई और समान रॉयल्टी दरें शामिल हैं।

In Summary

सुर्ख़ियों में क्यों?

हाल ही में, केंद्र सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कॉपीराइट से जुड़े मुद्दों पर एक कार्यपत्र (वर्किंग पेपर) जारी किया।

अन्य संबंधित तथ्य 

  • यह कार्यपत्र उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा गठित समिति ने तैयार किया है। यह विभाग केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • समिति का उद्देश्य एक ऐसा ढांचा प्रस्तावित करना था जो रचनाकारों  के अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ जिम्मेदारी आधारित 'जनरेटिव AI' नवाचार को बढ़ावा दे और प्रौद्योगिकी तक समान पहुंच सुनिश्चित करे।
  • AI और कॉपीराइट से जुड़ी दो मुख्य विधिक चिंताएं निम्नलिखित हैं: 
    • AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट वाली रचनाओं (जैसे किताबें, आलेख, फोटो) का उपयोग करना। 
    • AI मॉडल द्वारा बनाए गए कंटेंट की कॉपीराइट के लिए योग्यता। 
  • वर्तमान कार्य-पत्र AI के प्रशिक्षण के लिए कॉपीराइट वाली रचनाओं को स्रोत (इनपुट) के रूप में उपयोग पर केंद्रित है।
    • AI द्वारा सृजित कंटेंट की कॉपीराइट स्थिति से जुड़े मुद्दों पर भविष्य के कार्यपत्र में चर्चा की जाएगी। 

भारत में कॉपीराइट और उससे जुड़े मुद्दों से संबंधित वर्तमान विधिक ढांचे

  • कॉपीराइट अधिनियम, 1957: इस अधिनियम के तहत, किसी भी रचना की प्रतिलिपि बनाने, संग्रह करने  और रूपांतरण के अनन्य अधिकार कॉपीराइट धारक के पास हैं।  
  • उचित व्यवहार (फेयर डीलिंग) के अपवाद: कॉपीराइट कानून कुछ विशेष उद्देश्यों के लिए बिना अनुमति के मूल रचनाओं के सीमित उपयोग की अनुमति देता है। इन विशेष उद्देश्यों में शामिल हैं; अध्ययन/अनुसंधान, समालोचना/समीक्षा, समसामयिक घटनाओं की रिपोर्टिंग। इसका उद्देश्य रचनाकारों के अधिकारों और जनता की 'जानकारी तक पहुँच' के बीच संतुलन बनाए रखना है।
  • उचित व्यवहार के लिए कोई विशेष अपवाद नहीं: भारत की वर्तमान विधियों में टेक्स्ट एंड डेटा माइनिंग (TDM) या AI प्रशिक्षण के लिए कोई स्पष्ट छूट नहीं दी गई है।
    • टेक्स्ट और डेटा माइनिंग (TDM) एक स्वचालित प्रक्रिया है। इसमें बड़े और बिखरे हुए डेटा को स्कैन किया जाता है, विश्लेषण किया जाता है। इस प्रक्रिया से उपयोगी जानकारी निकाली जाती है। पैटर्न और नए निष्कर्ष सामने आते हैं।

 

AI मॉडल्स के प्रशिक्षण के लिए इनपुट के तौर पर कॉपीराइट रचनाओं के उपयोग से संबद्ध मुख्य मुद्दे और तर्क

  • कॉपीराइट लाइसेंस का उल्लंघन: आमतौर पर AI को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट वाली रचनाओं का उपयोग किया जाता है। लेकिन इसके लिए कॉपीराइट-धारकों से अनुमति नहीं ली जाती या लाइसेंस नहीं लिया जाता।  
  • उदाहरण के लिए: एएनआई मीडिया बनाम ओपनएआई वाद में न्यायालय सुनवाई कर रहा है। न्यायालय को निर्धारित करना है कि क्या ओपनएआई द्वारा अपने लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) को प्रशिक्षित करने के लिए समाचार आलेखों, साहित्यिक रचनाओं और अन्य सामग्री का उपयोग कॉपीराइट का उल्लंघन है या इसे भारतीय कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 52 के तहत 'उचित उपयोग (फेयर डीलिंग)' माना जा सकता है।  
  • कॉपीराइट धारकों के तर्क: 
    • बिना नियंत्रण के कॉपीराइट रचनाओं का उपयोग इंसान की रचनात्मकता का मूल्य घटा सकता है। इससे लोग नई मौलिक रचना करने पर कम ध्यान देंगे। 
    • कंटेंट उद्योग मांग कर रहा है कि AI मॉडल्स के प्रशिक्षण के लिए रचनाओं का उपयोग अनुमति लेकर और प्रतिपूर्ति का भुगतान करके हो। 
    • कई अध्ययन बताते हैं कि AI मॉडल्स कॉपीराइट सामग्री को याद कर सकते हैं और उसे वैसा ही दोबारा प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे AI प्रशिक्षण और कॉपीराइट के उल्लंघन के बीच का अंतर ही खत्म हो जाता है। ·     
  • AI द्वारा सृजित कंटेंट पर कॉपीराइट संबंधी दावे:
    • क्या AI द्वारा सृजित कंटेंट को कॉपीराइट मिलना चाहिए? और यदि हाँ, तो उसका विधिक या वास्तविक लेखक कौन माना जाएगा?
    • यदि कॉपीराइट का उल्लंघन हो, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?  
  • AI प्रणाली का विकास करने वालों के तर्क:
    • प्रभावी AI सिस्टम बनाने के लिए व्यापक और विविध प्रकार के कंटेंट तक पहुंच जरूरी है। इससे गलत जानकारी प्राप्त होने की संभावना कम होती है। पक्षपात को भी कम किया जा सकता है।
    • कंटेंट पर बहुत अधिक कानूनी पाबंदियां AI के क्षेत्र में होने वाले नए आविष्कारों को बाधित कर सकती हैं।
    • उनका तर्क है कि AI मॉडल्स का प्रशिक्षण और डेटा-सेट्स बनाना कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं है क्योंकि वे मौलिक रचनाओं के केवल 'डेटा और पैटर्न' (गैर-अभिव्यक्त तत्व) को सीखते हैं, उनकी नकल नहीं करते।   

रिपोर्ट द्वारा प्रस्तावित नीतिगत ढांचा: हाइब्रिड मॉडल (एक राष्ट्र, एक लाइसेंस, एक भुगतान)

  • सार्वभौमिक सामान्य लाइसेंस: कानूनी रूप से उपलब्ध सभी कॉपीराइट रचनाओं का AI मॉडल्स के प्रशिक्षण में उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए एक ही लाइसेंस होगा।
  • केंद्रीकृत संग्रह इकाई (Centralized Collecting Entity: CRCAT): एकल गैर-लाभकारी संस्था स्थापित की जाए। इसे 'AI प्रशिक्षण के लिए कॉपीराइट रॉयल्टी संग्रहण' कहा जाएगा। यह संस्था AI मॉडल्स का विकास करने वालों से रॉयल्टी एकत्र करेगी।
  • एक-समान रॉयल्टी दरें: सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति रॉयल्टी की दर तय करेगी। यह दर AI सिस्टम के कुल राजस्व के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में होगी। इससे स्टार्टअप्स को शुरुआत में ही अधिक शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
  • सांविधिक पारिश्रमिक अधिकार: रचनाकारों और कॉपीराइट धारकों को अपना पारिश्रमिक प्राप्त करने का सांविधिक अधिकार होगा। 
    • इसके बाद कॉपीराइट धारक अपनी रचनाओं को AI प्रशिक्षण में उपयोग होने से रोक नहीं सकेंगे।
  • रॉयल्टी वितरण व्यवस्था: रॉयल्टी का वितरण पंजीकृत रचनाकारों में किया जाएगा। ये वे रचनाकार होंगे जो अपनी रचनाएं "वर्क्स डेटाबेस" में दर्ज करेंगे। यह वितरण कॉपीराइट सोसाइटी या सामूहिक प्रबंधन संगठन (CMO) के माध्यम से होगा।

अन्य प्रचलित AI विनियामक मॉडल्स

  • प्रत्यक्ष लाइसेंसिंग समझौतों के माध्यम से स्वैच्छिक लाइसेंसिंग: इसमें AI मॉडल्स का विकास करने वालों को प्रत्येक कॉपीराइट धारक के साथ व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना होता है, उनके साथ वार्ता करनी होती है और कंटेंट के उपयोग के लिए समझौता को अंतिम रूप देना होता है।
  • टेक्स्ट और डेटा माइनिंग (TDM) अपवाद: इसमें कॉपीराइट वाली रचना की नकल या उपयोग की अनुमति होती है। यह AI सिस्टम के प्रशिक्षण के लिए होता है। ऐसा मॉडल यूरोपीय संघ, सिंगापुर और जापान में प्रचलित है।
  • सामूहिक लाइसेंसिंग (CL) और विस्तारित सामूहिक लाइसेंसिंग (ECL): 
    • सामूहिक लाइसेंसिंग में एक सामूहिक संस्था रचनाओं (संगीत, आदि) के उपयोग को सुगम बनाती है। इसकी लागत अलग-अलग लाइसेंस लेने की लागत से कम होती है।
    • विस्तारित सामूहिक लाइसेंसिंग (ECL) में सामूहिक प्रबंधन संगठन अपने सदस्यों के साथ-साथ गैर-सदस्यों की ओर से भी लाइसेंस जारी करते हैं। 

 

निष्कर्ष

यह कार्यपत्र AI से जुड़े नवाचार को बढ़ावा देने और रचनाकारों के अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है, विशेषरूप से तब जब AI के लिए स्पष्ट कॉपीराइट नियम मौजूद नहीं हैं। यह "एक राष्ट्र, एक लाइसेंस, एक भुगतान" के हाइब्रिड मॉडल का प्रस्ताव करता है जिसका उद्देश्य AI मॉडल्स का विकास करने वालों को डेटा तक सुगम पहुँच देना है। साथ ही, यह कॉपीराइट धारकों को उचित प्रतिपूर्ति का भुगतान की गारंटी देता है और कानूनों में स्पष्टता सुनिश्चित करता है।

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सामूहिक प्रबंधन संगठन (CMO)

यह एक संगठन है जो कॉपीराइट धारकों की ओर से उनके कार्यों के लाइसेंसिंग और रॉयल्टी के संग्रह का प्रबंधन करता है, जिससे व्यक्तिगत लाइसेंसिंग की तुलना में अधिक कुशल प्रक्रिया सुनिश्चित होती है।

लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs)

Large Language Models (LLMs) are sophisticated AI systems with hundreds of billions or trillions of parameters, designed to understand and generate human-like text. They are capable of performing a wide range of complex natural language processing tasks.

टेक्स्ट और डेटा माइनिंग (TDM)

यह एक स्वचालित प्रक्रिया है जिसमें बड़े पैमाने पर डेटासेट से जानकारी निकालने के लिए कंप्यूटर प्रोग्राम का उपयोग किया जाता है, जिसका उपयोग पैटर्न की पहचान या AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया जा सकता है।

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