सुर्ख़ियों में क्यों?
हाल ही में, रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। कामचटका प्रायद्वीप भूकंपीय रूप से सक्रिय पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। इस भूकंप के कारण सुनामी लहरें उठीं, जिन्होंने रूस और जापान के तटीय शहरों को प्रभावित किया।
अन्य संबंधित तथ्य
- वैज्ञानिकों का मानना है कि यह भूकंप पृथ्वी के धरातल से कम गहराई में (उथला) घटित व्युत्क्रम भ्रंश (Reverse Faulting) के कारण आया था।

- व्युत्क्रम भ्रंश (या थ्रस्ट फॉल्टिंग) के तहत संपीडन बल के कारण पृथ्वी की भू-पर्पटी का एक खंड दूसरे खंड के ऊपर आ जाता है।
- पृथ्वी की सतह के पास घटित भ्रंश (rupture) "उथला" व्युत्क्रम भ्रंश (Reverse Faulting) कहलाता है।
- इससे जमीन में तेज कंपन, भूकंप के बाद के तीव्र झटके, सुनामी आ सकती है और अवसंरचना को गंभीर नुकसान हो सकता है।
पैसिफिक रिंग ऑफ फायर

- इसे परि-प्रशांत मेखला (Circum-Pacific Belt) भी कहा जाता है। यह प्रशांत महासागर बेसिन की परिधि में घोड़े की नाल के आकार का एक ऐसा क्षेत्र है, जहाँ तीव्र भूकंपीय और ज्वालामुखी गतिविधियाँ घटित होती हैं।
- यहाँ दुनिया के लगभग 75% सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं। दुनिया के लगभग 90% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं।
अवस्थिति और विस्तार
- यह प्रशांत महासागर के चारों ओर लगभग 40,000 किमी में फैला हुआ है।
- यहाँ कई विवर्तनिक प्लेटों की सीमाएं मिलती है, जिनमें प्रशांत महासागर प्लेट, जुआन डे फ़्यूका प्लेट, कोकोस प्लेट, इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट, नाज़का प्लेट, उत्तरी अमेरिकी और फिलीपींस प्लेट शामिल हैं।
परि-प्रशांत मेखला की विशेषताएँ
- भूगोल: इस क्षेत्र में पर्वतों, द्वीप समूहों और महासागरीय गर्त का निर्माण हुआ है, जैसे कि मारियाना गर्त (दुनिया का सबसे गहरा स्थान)।
- भू-तापीय ऊर्जा का स्रोत: दुनिया के 40% से अधिक भू-तापीय ऊर्जा संसाधन इसी क्षेत्र में मौजूद हैं।
- खनिज: इस क्षेत्र में कई समृद्ध खनिज भंडार मौजूद हैं, जिनमें सोना, तांबा, मोलिब्डेनम और अन्य धातुएँ शामिल हैं।
- कृषि संबंधी महत्व: यहाँ की ज्वालामुखी से निकली मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है, जो चावल और कॉफी जैसी फसलों के लिए अच्छी होती है।
पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में बार-बार भूकंप आने और ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण
- क्षेपण मंडल या सबडक्शन ज़ोन: रिंग ऑफ फायर की परिधि में विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे के टकराती हैं और अधिक घनत्व वाली प्लेट कम घनत्व वाली प्लेट के नीचे समा जाती हैं। इसे अभिसारी सीमाएँ (Convergent Boundaries) या सबडक्शन ज़ोन कहते हैं।
- क्षेपण मंडल में जाने वाली प्लेट की चट्टानें पृथ्वी की सतह से कम गहराई में पिघलकर मैग्मा में तब्दील हो जाती है, जिससे ज्वालामुखी गतिविधि के लिए एक आदर्श स्थिति बन जाती है। उदाहरण के लिए, न्यूजीलैंड के पास ताउपो ज्वालामुखी आर्क (Taupo Volcanic Arc), जहाँ अधिक घनत्व वाली प्रशांत महासागरीय प्लेट, ऑस्ट्रेलियाई प्लेट के नीचे समा रही है।
- रूपांतरित सीमाएं /भ्रंश का क्षेत्र (Zone of Transform Boundary/ Fault): कैलिफोर्निया में सैन एंड्रियास फॉल्ट जैसी जगहों पर प्लेटें एक-दूसरे के करीब गति करती हैं। इस घर्षण वाली गति के कारण शक्तिशाली भूकंप आते हैं, लेकिन ज्वालामुखी गतिविधि कम ही घटित होती है।
- मध्य-महासागरीय कटक/ अपसारी सीमाएं (Mid-oceanic Ridges/Divergent Boundaries): जब विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से दूर (अपसारी गति) जाती हैं, तो समुद्र नितल का विस्तार और भ्रंश घाटियों का निर्माण होता है।
- पूर्वी प्रशांत कटक (East Pacific Rise) इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जो रिंग ऑफ फायर में स्थित है। यह वह जगह है जहाँ प्रशांत महासागरीय प्लेट वस्तुतः कोकोस, नाज़का और अंटार्कटिक प्लेटों से दूर जा रही है या अपसारी गति कर रही है। यहाँ ज्वालामुखी और हाइड्रोथर्मल वेंट दोनों पाए जाते हैं।
- हॉट स्पॉट (Hot Spots): ये पृथ्वी की गहराई में मेंटल में स्थित होते हैं, जहां दबाव के कारण बढ़ता तापमान ऊपरी मेंटल में चट्टान को पिघला देता है। यह मैग्मा भूपर्पटी की दरारों से बाहर निकलकर ज्वालामुखी गतिविधियों के रूप प्रकट होता है।
निष्कर्ष
रिंग ऑफ फायर पृथ्वी की गतिशील भू-विज्ञान (Geology) का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहाँ विवर्तनिकी प्लेटों में अभिसारी गति दुनिया के अधिकांश ज्वालामुखी विस्फोटों और भूकंपीय गतिविधियों को जन्म देती है, जिसने प्रशांत महासागरीय क्षेत्र की सभ्यताओं और पारिस्थितिकी तंत्रों को गहराई से प्रभावित किया है।